कश्मीर से लेकर हिमालय के मैदानी इलाकों में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार सर्दी का सितम अभी कुछ दिनों तक यूं ही जारी रहेगा। कड़ाके की ठंड की वजह से झारखंड में तापमान के नीचे गिरने का रिकॉर्ड टूट गया है। इस साल झारखंड में न केवल पारा शून्य डिग्री तक पहुंच गया है। बल्कि यहां की धरती पर बर्फ भी जम कई है। हाड़कंपाने वाली ठंड के बीच झारखंड ने तापमान का जो रिकॉर्ड बनाया है, उसे देखकर झारखंड के लोगों को कुल्लू-मानी वाली फीलिंग आ रही है।
पेड़-पौधे पर बर्फ में बदली ओस की बूंदी, तस्वीरें हो रही वायरल
झारखंड के रांची जिले में स्थित मैकलुस्कीगंज में बुधवार की सुबह न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से नीचे गिरकर माइनस 0.5 डिग्री तक पहुंच गया। जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। खेतों, सड़कों और पेड़-पौधों पर जमी ओस की बूंदें पूरी तरह बर्फ में तब्दील हो गईं, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया दिखाई दिया।
हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी का उत्तर भारत में हो रहा असर
मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी के असर उत्तर भारत में से देखने को मिल रहा है। इस वजह से झारखंड में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। मैकलुस्कीगंज जो बर्फ की हल्की चादर है वह इसी का नतीजा है। बता दें कि मैकलुस्कीगंज रांची से लगभग 60 किलोमीटर दूर एक छोटा सा पर्यटन स्थल है। यहां की ऊंचाई और जंगलों के कारण ठंड का असर हमेशा ज्यादा रहता है। लेकिन इस बार का तापमान रिकॉर्ड तोड़ है।
6 से 7 डिग्री तक पहुंचा रांची का तापमान
इधर रांची का न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री पहुंच गया है। जबकि कांके और अन्य इलाकों में कोहरा छाया हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 2-3 दिनों तक पारा और नीचे जा सकता है। 8 से 10 जनवरी तक न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री कम रहने का अनुमान है। घना कोहरा, शीतलहर और बर्फीली हवाओं के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, अलाव जलाने, गर्म कपड़े पहनने और नमी वाली जगहों से बचने की हिदायत दी गई है।

