पूर्णिया । न्यूजस्टिच
मो जुनैद ,10 जनवरी की शाम पूर्णिया के डगरुआ में हुए गैंगरेप का मुख्य आरोपी की पूरी कहानी इस बात की गवाही है कि जब राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो तो व्यक्ति किस कदर बेलगाम हो जाता है और खुद को कायदे-कानून से ऊपर समझ बैठता है।मो जुनैद कहने के लिए पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री किया करता था लेकिन असल मे वह जिस्म का सौदागर था। इस अनैतिक कार्य के ज़रिए उसने अकूत संपत्ति अर्जित किया.जिस्म की तिजारत एक ऐसा व्यापार है जहां राजनीतिक संरक्षण की जरूरत तो होती ही है,पुलिसिया कृपा की भी आवश्यकता होती है। इस दोनों मामले में मो जुनैद सफल रहा और उसके बुलंद हौसले की परिणति गैंगरेप के रूप में सामने आई।पुलिसिया संरक्षण का उदाहरण यह है कि 14 मई 2025 को मो जुनैद के ख़िलाफ़ मुफ़स्सिल थाना में शिकायत आवेदन दिया गया गया था लेकिन उसे रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया था। उस वक्त अगर पुलिस ने माकूल कार्रवाई की होती तो पीड़िता गैंगरेप की शिकार नही होती।
राजनीतिक रसूख की वजह से मो जुनैद का था इलाके में दबदबा
मो जुनैद के परिवार का डगरुआ के इलाके में दबदबा है।दबदबा ऐसा कि कोई उसकी मुख़ालफ़त की हिमाकत नही करता है। मो जुनैद का परिवार राजनीतिक हैसियत भी रखता है। मो जुनैद की बीबी डगरुआ पंचायत की उपमुखिया भी है। खास बात यह है कि मो जुनैद की अमूनन सभी राजनीतिक दलों में पैठ है और उसे तरजीह भी मिलती रही है। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि वह सैक्स-रैकेट चलाता है और इस धंधे का कद्रदान राजनेता भी होते हैं।सोशल मीडिया में मो जुनैद की अलग -अलग दलों के नेताओं के साथ तस्वीर वायरल भी है।सवाल तस्वीर की नही है, राजनेता हैं तो इस तरह की तस्वीर आम बात है ,लेकिन इन तस्वीरो का इतना जरूर महत्व है कि ऐसे दरिंदे राजनीतिक रसूख बड़ी आसानी से हासिल कर लेते हैं और आमलोग इन तस्वीरों को देखकर ही चुप्पी साध लेते हैं।
बीते 5 वर्षों से सेक्स-रैकेट से जुड़ा हुआ था मो जुनैद
डगरुआ के जिस ‘जोया ट्रेडर्स’ के गोदाम में गैंगरेप की वारदात हुई , उसका मालिक मो जुनैद ही है। दरअसल जोया ट्रेडर्स का गोदाम अघोषित रूप से देह-व्यापार का अड्डा था।गैंगरेप मामले में जिस महिला की गिरफ्तारी हुई है वह सैक्स-रैकेट का धंधे में मो जुनैद की पार्टनर बताई जाती है। वह महिला जब वर्ष 2018 में पूर्णिया की सड़कों पर ऑटो चलाती थी तो नारी-सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति कही जाती थी जो कालांतर में देह-व्यापार के सिंडिकेट की सरगना बन गई। इस धंधे से जुड़कर मो जुनैद ने न केवल अवैध संपत्ति अर्जित किया बल्कि राजनीतिक रसूख भी हासिल करने में सफल रहा।
बीते वर्ष पुलिस ने की होती कार्रवाई तो नही होता गैंगरेप
मो जुनैद ने शुभम जायसवाल नाम के शख्स के साथ मिलकर बेलौरी में एक सरकारी स्कूल के सामने पुरानी गाड़ियों के कारोबार के लिए स्थानीय अनिल कुमार साह से वर्ष 2023 में जमीन और दुकान किराए पर लिया।लेकिन, कुछ महीने के बाद ही उक्त जगह पर लड़कियों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि आरंभ हो गई।आसपास के लोग बताते हैं कि यहां देह-व्यापार का धंधा संचालित होता है। परेशान अनिल कुमार साह ने 14 मई 2025 को मुफस्सिल थाना में आवेदन दिया जिसमें अनैतिक कार्य संचालित होने का भी जिक्र था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नही किया।जाहिर है कि , मो जुनैद के हाथ कानून से लंबे थे। अगर तब पुलिस ने मो जुनैद के खिलाफ कार्रवाई किया होता तो संभव है कि पूर्णिया एक गैंगरेप का गवाह बनने से महफ़ूज रह जाता।

