पूर्णिया एयरपोर्ट की शुरुआत ने सीमांचल के लोगों में उम्मीद तो जगाई है, लेकिन सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक देरी ने अब सवालों को जन्म दे दिया है। पूर्णिया के चर्चित सोशल एवं आरटीआई एक्टिविस्ट विजय कुमार श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईमेल भेजकर एयरपोर्ट की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने एयरपोर्ट को ‘कंप्लीट एयरपोर्ट’ बनाने के लिए 13 प्रमुख बिंदुओं पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की मांग की है।
कनेक्टिविटी पर सवाल, बैंगलोर और मुंबई अब भी दूर
विजय श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद के लिए हवाई सेवा लाभकारी साबित हो रही है, लेकिन बैंगलोर, चेन्नई, गुवाहाटी और मुंबई जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए कनेक्टिविटी की मांग अभी तक उपेक्षित है। इन रूटों पर यात्रियों की जबरदस्त भीड़ होने के बावजूद उड़ानें शुरू नहीं की गई हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर की सुस्त रफ़्तार पर जताई चिंता
पत्र में एयरपोर्ट के अधूरे ढांचागत विकास पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। मुख्य आपत्तियां निम्नलिखित हैं. स्थायी टर्मिनल बिल्डिंग निर्माण के लिए अब तक टेंडर जारी नहीं हुआ है। सड़क कनेक्टिविटी में सिविल एन्क्लेव को एनएच-31 से जोड़ने वाली फोरलेन सड़क का अता-पता नहीं है। जमीन का पेच में एयरपोर्ट अथॉरिटी (AAI) द्वारा मांगी गई अतिरिक्त 15 एकड़ जमीन बिहार सरकार ने अब तक हैंडओवर नहीं की है। सुरक्षा और तकनीक पर सवाल करते हुए उन्होंने बताया कि एयरफोर्स स्टेशन पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का इंस्टालेशन और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के सेंटर की स्थापना अब तक लंबित है।
बुनियादी सुविधाओं का टोटा
हैरानी की बात यह है कि एक चालू एयरपोर्ट होने के बावजूद यहां डाकघर और बैंक एटीएम जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही, एयर कार्गो सेवा की शुरुआत न होने से क्षेत्र के व्यापारियों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। पत्र में एप्रन, टैक्सी-वे और ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट से संबंधित कार्यों की प्रगति को दुखद एवं आपत्तिजनक बताया गया है।
करोड़ों की आबादी के लिए लाइफलाइन
श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि पूर्णिया एयरपोर्ट केवल एक जिला ही नहीं, बल्कि 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाले बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल की करोड़ों आबादी के लिए लाइफलाइन है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नागरिक उड्डयन मंत्री सहित तमाम उच्च अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजकर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है।

