दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से घिरे पप्पू यादव ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा प्रहार किया। स्वाभिमानी पार्टी के संरक्षक पप्पू ने शास्त्री को ‘चोर-उचक्का’ और ‘ढोंगी बाबा’ करार देते हुए कहा, “कौन चोर-उचक्का धीरेंद्र शास्त्री? उनकी बात मत कीजिए। भारत को अंबेडकरवादी और समाजवादी बनने दीजिए। ढोंगी बाबा मत बनाइए।” यह विवाद तब भड़का जब पत्रकारों ने शास्त्री के तिरंगे वाले बयान का जिक्र किया। बागेश्वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में एक सभा में कहा था, “अगर तिरंगे में चांद आ गया तो भारत सुरक्षित नहीं रहेगा।” उनका यह बयान तिरंगे में ‘चंद्रमा’ या इस्लामी प्रतीक जोड़ने के खिलाफ था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। BJP समर्थक इसे राष्ट्रवाद का प्रतीक बता रहे हैं, तो विपक्ष इसे ध्रुवीकरण का हथियार। पप्पू का पलटवार राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा सकता है।
राहुल-ममता की तारीफ, चुनाव एजेंसी पर सवाल
पप्पू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘महात्मा गांधी का रास्ता अपनाने वाला’ और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी को ‘सुभाष चंद्र बोस की उत्तराधिकारी’ बताया। उन्होंने कहा, “दोनों को अपना रास्ता अपनाने दीजिए।” बिहार चुनावों के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया, “जहां भी चुनाव होता है, वहां एजेंसी पहुंच जाती है।” NIET छात्रा की संदिग्ध मौत पर भी बोले, “पूरे मामले की CBI जांच होनी चाहिए।
“राजनीतिक संदर्भ: हिंदुत्व vs सेकुलरिज्म
पप्पू यादव का यह बयान बिहार की सियासत में नया विवाद खड़ा कर सकता है। धीरेंद्र शास्त्री को BJP का अनौपचारिक समर्थक माना जाता है, जबकि पप्पू लालू-नीतीश के बीच संतुलन बनाते हुए विपक्षी खेमे में सक्रिय हैं। 2025 बिहार विधानसभा चुनावों से पहले यह टकराव NDA vs INDIA गठबंधन को प्रभावित करेगा। पप्पू की आक्रामक शैली उनके पॉपुलर सपोर्ट बेस को मजबूत करती है, लेकिन BJP इसे ‘अपमानजनक’ बता जवाब दे सकती है।

