बिहार में रग्बी के खेल ने एक नया इतिहास रच दिया है। लड़कियों की सफलता के बाद अब बिहार के लड़कों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय सब-जूनियर रग्बी चैंपियनशिप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। ओडिशा के प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में बिहार ने मेजबान ओडिशा को 25–5 के भारी अंतर से शिकस्त देकर नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
मैदान पर बिहार का दबदबा
पूरे टूर्नामेंट के दौरान बिहार की टीम अजेय नजर आई। फाइनल मैच में बिहार के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मेजबान टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इससे पहले बिहार ने क्वार्टर फाइनल में उत्तर प्रदेश को 46–7 के विशाल अंतर से धूल चटाई थी, जो टीम की ताकत का प्रमाण था। सेमीफाइनल में भी बिहार का शानदार प्रदर्शन जारी रहा, जहां उन्होंने मजबूत महाराष्ट्र की टीम को 15–7 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
ऐतिहासिक जीत का जश्न
खिताबी जीत की घोषणा होते ही कलिंगा स्टेडियम बिहार के खिलाड़ियों के जयकारों से गूंज उठा। ट्रॉफी के साथ खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि का जमकर जश्न मनाया। इस सफलता पर पूर्णिया रग्बी सचिव शुभम आनंद ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत राज्य के रग्बी प्रेमियों के लिए एक मील का पत्थर है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के निरंतर सहयोग को दिया।
नेतृत्व और प्रोत्साहन का फल
शुभम आनंद ने विशेष रूप से बिहार रग्बी फुटबॉल सचिव पंकज ज्योति और डीजी रविंदरण शंकरण के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन पदाधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की बदौलत ही आज बिहार की टीम राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रही है।
‘खेलेगा बिहार, जीतेगा बिहार’
बिहार सरकार द्वारा खेल और खिलाड़ियों को दिए जा रहे निरंतर प्रोत्साहन की चर्चा करते हुए सचिव ने कहा कि राज्य में अब खेलों के लिए एक सकारात्मक माहौल बना है। “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” जैसी नीतियों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण बिहार अब खेल के मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। यह जीत न केवल बिहार रग्बी के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो खेलों में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।

