पटना। न्यूज स्टिच
बिहार में मौसम का मिजाज फिलहाल स्थिर बना हुआ है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण आने वाले दिनों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी 23 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य का मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा और तापमान में कोई बड़ा उलटफेर देखने को नहीं मिला।
कैमूर में सबसे ज्यादा गर्मी, राजगीर में बढ़ी कनकनी
राज्य के तापमान के आंकड़ों पर गौर करें तो राजगीर (नालंदा) जिला सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 07.3°C पर पहुंच गया। वहीं, राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28.1°C कैमूर में रिकॉर्ड किया गया। मुजफ्फरपुर और वाल्मीकि नगर में दिन का पारा सबसे कम यानी 24.0°C रहा। औसत रूप से पूरे बिहार का न्यूनतम तापमान 7.3°C से 13.3°C के बीच बना हुआ है।
कोहरे का असर और दृश्यता
शुष्क मौसम के बीच सुबह के समय धुंध और कोहरा भी देखा जा रहा है। मोतिहारी में दृश्यता (Visibility) सबसे कम 350 मीटर दर्ज की गई, जिससे यातायात पर हल्का असर पड़ा है।
क्या कहता है मौसम का नया सिस्टम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। साथ ही समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर पछुआ जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) उत्तर भारत में सक्रिय है, जिसकी रफ्तार 135 समुद्री मील है। सबसे महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि 26 जनवरी 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है। इसका असर बिहार के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है।
अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान पटना मौसम केंद्र के अनुसार:
तापमान: अगले 5 दिनों तक राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। ठंड का स्तर स्थिर बना रहेगा।
बारिश और शुष्कता: अगले 48 घंटों तक प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। फिलहाल बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह के समय कोहरे को देखते हुए सावधानी बरतें और आधिकारिक अपडेट के लिए मौसम ऐप का उपयोग करें।

