शहर के नेवालाल चौक पर युवा मक्का व्यवसायी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सूरज बिहारी की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या के बाद सियासत गरमा गई है। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने इस घटना को लेकर सरकार और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के बीचोबीच इस तरह की वारदात होना सरकार के ‘इकबाल’ के खत्म होने का प्रमाण है।
“गैंगरेप के कलंक से उबरा भी नहीं था पूर्णिया और हो गई हत्या”
मंगलवार को स्थानीय निजी अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संतोष कुशवाहा ने कहा कि नेवालाल चौक और वसंत विहार इलाका अब अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह बन चुका है। उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “अभी पूर्णिया गैंगरेप के कलंक से उबरा भी नहीं था कि अपराधियों ने एक और बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। यह बेहद असहज करने वाला है।”
सुशासन के दावों पर कड़ा प्रहार
पूर्व सांसद ने सुशासन की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी पटना में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और पूर्णिया में आम आदमी की जान खतरे में है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
स्पीडी ट्रायल और सख्त सजा की मांग
सूरज बिहारी को एक सफल कारोबारी और उभरता हुआ युवा बताते हुए कुशवाहा ने इसे परिवार के लिए बड़ी त्रासदी करार दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि:
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
- अपराधियों को जल्द चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाए।
- स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि समाज में एक नजीर पेश हो सके।

