बिहार के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की बदलती तस्वीर और बेहतर होती सेवाओं की एक शानदार मिसाल राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH), पूर्णिया में देखने को मिली है। पूर्णिया की डिस्ट्रिक्ट एंड एडिशनल सेशन जज श्रीमती शेमा इरम ने अपने गॉलब्लैडर स्टोन (पित्त की थैली की पथरी) का सफल ऑपरेशन इसी अस्पताल में करवाकर समाज को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसे का एक मजबूत संदेश दिया है।
कुशल चिकित्सा टीम और सफल सर्जरी
यह ऑपरेशन वरिष्ठ सर्जन डॉ. तारकेश्वर कुमार एवं एनेस्थेटिस्ट डॉ. विकास कुमार की कुशल देखरेख में संपन्न हुआ। पूरी प्रक्रिया के दौरान अस्पताल के प्राचार्य डॉ. हरिशंकर मिश्र, अधीक्षक डॉ. संजय कुमार एवं उपाधीक्षक डॉ. दीनबंधु प्रसाद स्वयं उपस्थित रहे और मार्गदर्शन प्रदान किया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार को देखते हुए अगले ही दिन, यानी 21 जनवरी को उन्हें पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
“निजी अस्पतालों से कम नहीं सरकारी सुविधाएं”
डिस्ट्रिक्ट जज श्रीमती शेमा इरम एवं उनके पति मो. इनाम खान (डिस्ट्रिक्ट एंड एडिशनल सेशन जज 11th) ने अस्पताल की सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और वहां की स्वच्छता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
“सरकारी अस्पताल किसी भी तरह से निजी अस्पतालों से कम नहीं हैं। यहाँ के चिकित्सकों का समर्पण और देखभाल का स्तर उत्कृष्ट है।”
आम जन के लिए प्रेरणा का स्रोत
आमतौर पर वीआईपी और उच्च पदों पर आसीन लोग इलाज के लिए बड़े निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। ऐसे में न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा GMCH पूर्णिया पर भरोसा जताना न केवल अस्पताल प्रबंधन का मनोबल बढ़ाने वाला है, बल्कि यह आम जनता के बीच सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की विश्वसनीयता को भी सुदृढ़ करता है। अस्पताल प्रशासन ने इस सफल सर्जरी के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान जिले और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर संकल्पित है। बेहतर साफ-सफाई, अनुशासित कार्यशैली और अनुभवी डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण GMCH पूर्णिया आज सीमांचल के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है।

