बांका (शंभूगंज) । न्यूजस्टिच
बिहार के बांका जिले से एक ऐसी शादी की खबर सामने आई है, जिसने सदियों पुरानी परंपरा को पलट कर रख दिया। आमतौर पर आपने दूल्हे को घोड़ी पर चढ़कर दुल्हन के द्वार जाते देखा होगा, लेकिन बांका के शंभुगंज प्रखंड के विरनौधा गांव में नज़ारा बिल्कुल उलट था। यहाँ एक दुल्हन खुद बारात लेकर अपने प्रेमी के घर पहुँच गई।
सालों पुराना प्यार और पारिवारिक तकरार
विरनौधा गांव के शिवम कुमार और सुल्तानगंज (भागलपुर) की रानी कुमारी के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवारों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पा रही थी। मान-मनौव्वल का दौर लंबा चला, पर नतीजा सिफर रहा।
साहसी फैसला: जब खुद बारात ले निकली ‘रानी’
लगातार मिल रही असहमति और मानसिक तनाव के बीच रानी ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया। उसने खुद ही हाथों में मेहंदी रचाई, दुल्हन का जोड़ा पहना और अपने कुछ करीबियों के साथ सीधे प्रेमी शिवम के घर विरनौधा बारात लेकर पहुंच गई।
पंचायत और ग्रामीणों की पहल से मिला सुखद अंत
अचानक दुल्हन को दरवाजे पर देख ग्रामीण हैरान रह गए। देखते ही देखते गांव के बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता जुट गए। ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को बिठाकर लंबी चर्चा की। रानी के साहस और दोनों के प्रेम को देखते हुए ग्रामीण और अंततः परिजन भी शादी के लिए तैयार हो गए। शिवम के घर पर ही पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों फेरे लिए और हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए।

