प्रेस वार्ता करते उपेंद्र कुशवाहा।

दिनारा विधायक आलोक सिंह बनाये गए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष,दो कार्यकारी अध्यक्ष भी मनोनीत

पार्टी के विधायकों के बगावती तेवर के बीच उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में सुलह हो गई ।ऐसा लगता है कि श्री कुशवाहा डैमेज कंट्रोल में सफल रहे हैं।गौतलब है कि जब से उपेन्द्र कुशवाहा ने अपने पुत्र दीपक प्रकाश को बिहार सरकार में मंत्री पद से नवाजा, पार्टी के चार विधायक में से तीन विधायक ने बगावती सुर छेड़ रखा था। पार्टी के विधायक माधव आनंद और आलोक सिंह की पार्टी सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा से पटना में मुलाकात के बाद दिनारा विधायक आलोक सिंह को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया था। शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की घोषणा किया।इसके अलावा प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।गौरतलब है कि विधायक माधव आनंद पहले से ही विधानसभा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा विधायक दल के नेता हैं। जबकि, उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता कुशवाहा पार्टी की सचेतक हैं।

राष्ट्रीय लोकमोर्चा मुख्यतः शाहाबाद इलाके में अपनी पैठ रखता है।जातीय समीकरण साधने की कोशिश के तौर पर भी इस कवायद को देखा जा रहा है ।उपेन्द्र कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो कुशवाहा समाज से आते हैं और आलोक सिंह राजपूत जाति से हैं जिन्हें प्रदेश की कमान सौंपी जा रही है।ऐसे में कुशवाहा और राजपूत का समीकरण साधने की कोशिश के तौर पर भी इस फैसले को देखा जा रहा है।

पार्टी के तीन विधायक रामेश्वर महतो, आलोक सिंह और माधव आनंद आरम्भ से ही बगावत कर रखा था। माधव आनंद और रामेश्वर महतो को मंत्री पद पाने की तमन्ना थी जो अधूरी रही। इस बीच गुपचुप तरीके से तीनों विधायक ने जेडीयू और भाजपा का भी दरवाजा खटखटाया लेकिन कहीं दाल नही गली।दरअसल, एनडीए का हिस्सा ही रहने की वजह से जेडीयू या भाजपा ने तीनों विधायक की नोटिस नही लिया। अब देखना दिलचस्प होगा कि रामेश्वर महतो की राजनीतिक महत्वकांक्षा को उपेन्द्र कुशवाहा किस तरीके से किस हद तक पूरा करने में सफल हो पाते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *