बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को राज्य के विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर करार दिया है। वित्त मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा विधानसभा में बजट पेश किए जाने के बाद, मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) के जरिए राज्य की जनता को इस बजट की दूरगामी उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट ‘न्याय के साथ विकास’ के सिद्धांत पर आधारित है और ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को पूरा करने वाला है।
3.47 लाख करोड़ का बजट: विकास दर 14.9% रहने का अनुमान
मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस साल बिहार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। नीतीश कुमार ने राज्य की आर्थिक सेहत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर को दर्शाता है।
रोजगार का मेगा प्लान: 1 करोड़ नौकरियां और महिलाओं को ₹2 लाख की मदद
बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमलोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए वित्तीय संसाधनों का उचित प्रबंधन कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।” महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत एक बड़ा प्रावधान किया है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के हर घर की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में क्रांतिकारी साबित होगा।

सात निश्चय-3 और सर्वांगीण विकास
नीतीश कुमार ने बताया कि यह बजट उनकी सरकार द्वारा लागू किए गए ‘सात निश्चय-3’ के कार्यक्रमों को गति देने में मददगार साबित होगा। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और हर परिवार को अवसर प्रदान करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
केंद्र का सहयोग और भविष्य का विकसित बिहार
मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अपने राजकोषीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन और केंद्र के सहयोग से बिहार जल्द ही देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा। यह बजट न केवल अर्थव्यवस्था की गति तेज करेगा, बल्कि युवाओं के कौशल विकास और प्रत्येक परिवार की समृद्धि के उद्देश्यों को भी पूरा करेगा।
यह भी खबर पढ़ेंः
पूर्व RJD एमएलए के बिगड़े बोल! आरक्षण को छुआ तो उंगली काट लेंगे, राज्यसभा-MLC में कोटा की मांग

