पूर्णिया के बहुचर्चित कारोबारी और ब्लॉगर सूरज बिहारी के निर्मम हत्या के 11 दिन बाद उनके पिता जवाहर यादव की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार बड़े बेटे की हत्या के सदमे को वो बर्दाश्त नहीं कर सके। उनका निधन हर्ट अटैक से हुई है। बताया जा रहा है कि बेटे सूरज बिहारी की हत्या से वे काफी टूट चुके थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि सोचे नहीं थे कि एक जवान बेटे के अर्थी को कांधा देंगे। यह क्षण मेरे जीवन का काफी दुखदाई पल था। ऐसे में अब मृतक सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव का इस दुनिया से चले जाना उनके परिवार पर मानो पहाड़ सा टूट पड़ा है। वहीं स्थानीय लोगों ने इस घटना से काफी दुखी दिखे। बता दें कि सूरज बिहारी की हत्या को एक सप्ताह से ज्यादा हो चुके हैं। पर अब भी पूर्णिया पुलिस की एसआईटी की टीम के हाथ अभी भी खाली हैं। ऐसे में अब पुलिस ने न्यायालय का आदेश प्राप्त कर नामजद अभियुक्तों की घर की कुर्की-जब्ती की कवायद आरम्भ कर दिया है। पुलिस की इस कवायद को फरार चल रहे हत्यारोपियों पर दवाब बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 27 जनवरी को नेवालाल चौक के पास फन सिटी पार्क के सामने कारोबारी सूरज बिहारी की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब सूरज एक विवाद की पंचायत करने गए थे।
27 जनवरी को हुई थी सूरज बिहारी की हत्या
पूर्णिया शहर एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा है। मंगलवार की सुबह नेवालाल चौक स्थित फन सिटी पार्क के समीप गुलाबबाग निवासी युवा व्यवसायी और इन्फ्लुएंसर सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हत्या की वजह सरस्वती पूजा के दिन इंस्टाग्राम रील को लेकर हुए विवाद को बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसी विवाद के समझौते को लेकर सूरज आया था। लेकिन दूसरे पक्ष की ओर से पहले बहस और फिर मारपीट हुई और बाद में सूरज की हत्या कर दी गई। सूरज की हत्या का आरोप वसंतविहार के दो भाईयों ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह पर है। गौरतलब है कि नेवालाल चौक-वसंत बिहार अपराधियों की शरणस्थली बन चुका है और आए दिन यहां आपराधिक घटनाएं घटित होती रहती है। बता दें कि बीते 10 जनवरी को इसी नेवालाल चौक से एक युवती का अपहरण कर उसके साथ गैंग-रेप को अंजाम दिया गया था।
एक रील के चक्कर में उजड़ गई सूरज बिहारी के परिवार की दुनिया
बताया जाता है कि नेवालाल चौक निवासी सुबोध शर्मा का पुत्र सूरज शर्मा डिजिटल क्रिएटर है और अपना पूर्णिया नाम से पेज चलाता है। सूरज शर्मा ने पूजा के मौके पर एक प्राइवेट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में एक स्थानीय लड़की के साथ रील बनाया और उसे पेज पर पोस्ट कर दिया। यह बात उक्त लड़की के बॉयफ्रेंड नेवालाल चौक निवासी स्नेहिल को नागवार गुजरी। 26 जनवरी को सूरज शर्मा को पकड़कर स्नेहिल द्वारा पिटाई की गई और उसका वीडियो भी बनाया गया। इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया। मंगलवार को मारपीट की घटना की शिकायत लेकर सूरज शर्मा के पिता सुबोध शर्मा स्नेहिल के घर पहुंचे। वहां स्नेहिल के साथ सुबोध का झगड़ा और मारपीट हुआ। इस घटना के कुछ देर बाद स्नेहिल हत्यारोपी ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह के साथ पहुंचकर शर्मा परिवार के साथ मारपीट की।
छोटे भाई को बचाने पहुंचे थे सूरज बिहारी
सूरज शर्मा के घर सूरज बिहारी का छोटा भाई उदय बिहारी भी आ गया। जो सूरज का दोस्त था। उनलोगों ने उदय बिहारी की भी पिटाई की। जिसके बाद उदय ने अपने भाई को सूरज बिहारी को फोन कर बुलाया था। भाई के फोन पर सूरज घटनाथल पर पहुंचा। वहां समझौता के लिए स्नेहिल को बुलाया गया। स्नेहिल के साथ ब्रजेश और नंदू सिंह समेत और 7-8 लोग पहुंचे थे। बातचीत के क्रम में विवाद होने लगा तो ब्रजेश और नंदू ने सूरज को गोली मार दी। सूरज के पास भी लाइसेंसी हथियार था लेकिन, गाड़ी में रहने की वजह से उसका प्रयोग आत्मरक्षा के लिए नहीं कर सका।
पूर्व सांसद ने जताया शोक
पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने अपने फेसबुक पेज पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा की दुर्भाग्यपूर्ण ! अकल्पनीय ! अविश्वसनीय ! बेटे सूरज बिहारी की नृशंस हत्या के बाद न्याय की आस लगाए पिता लब्धप्रतिष्ठित व्यवसायी जवाहर यादव का आज सुबह सदमे से निधन पूरी व्यवस्था की मौत है। पुलिस की नाकामी और जवान बेटे की हत्या के गम का बोझ लिए जवाहर जी के लिए यह पीड़ा असहनीय साबित हुई।हम जवाहर जी की मौत को संस्थागत हत्या मानते हैं और जानना चाहते है कि आखिर दो हत्याओं के जिम्मेवार को कब सजा मिलेगी ? क्या राज्य सरकार को तीसरी मौत का इंतजार है? ईश्वर पिता-पुत्र की आत्मा को शांति दे।

