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LBSNAA निदेशक का पूर्णिया संवाद! प्रशासनिक चुनौतियों और तकनीक पर मंथन, अधिकारियों को सिखाया खास पाठ

पूर्णिया के प्रशासनिक अधिकारियों को उस शख्स से मिलने का मौका मिला जिनसे केवल देश के IAS अधिकारियों को ही प्रशासन चलाने के टिप्स मिलते हैं। यहां के अधिकारियों को न केवल उस शख्स से मिलने का मौका मिला बल्कि उनसे बेहतर प्रशासन चलाने के टिप्स भी मिले। दरअसल, रविवार को पूर्णिया के प्रशासनिक अधिकारियों को लाल बहादूर शास्त्री अकादमी यानी LBSNAA, मसूरी के निदेशक श्रीराम तरणिकांति से मिलने और संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ। लबासना के निदेशक पूर्णिया आए हुए थे और जिला समाहरणालय के महानंदा सभागार में अधिकारियों से संवाद किया।

चुनौतियों पर चर्चा : LBSNAA के निदेशक ने अधिकारियों के साथ सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर अनभव साझा किया।
तकनीकी समावेश : निदेशक श्रीराम तरणिकांति ने संवाद में टेक्नोलाॅजी को कार्य का हिस्सा बनाने पर बल दिया। ताकि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे।
पारदर्शी कार्यशैली : महानिदेश ने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली को पारदर्शी बनने को कहा ताकि लोगों का यकीन बढ़ सके।
फीडबैक पर जोर : लबासना के निदेशक ने फील्ड अधिकारियों से प्राप्त फीडबैक को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बीडबैक भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण को और अधिक व्यावहारिक बनाने में सहायक होगा।

जिला पदाधिकारी ने निदेशक महोदय को जिला में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और हाल के नवाचारों से अवगत कराया, जिसकी उन्होंने सराहना की। जिलाधिकारी ने निदेशक का स्वागत करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से जिला के अधिकारियों को नई ऊर्जा और दृष्टि प्राप्त हुई है।

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), उत्तराखंड के मसूरी में स्थित भारत का प्रमुख सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान है। इसकी स्थापना 1959 में हुई थी। यह संस्थान भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों और अन्य ग्रुप-A सेवाओं के प्रशिक्षुओं को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करता है। अकादमी का मुख्य उद्देश्य लोक सेवकों में दक्षता, ईमानदारी और सेवा भाव विकसित करना है। यहाँ का प्रसिद्ध ‘फाउंडेशन कोर्स’ सभी उच्च नागरिक सेवाओं के बीच समन्वय और एकता की भावना पैदा करता है। इसका आदर्श वाक्य शीलम् परम् भूषणम् (चरित्र ही सबसे बड़ा गुण है) है, जो प्रशिक्षुओं को नैतिक शासन के लिए प्रेरित करता है।

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