पूर्णिया। न्यूजस्टिच
सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए पूर्णिया जीएमसीएच (GMCH) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां इलाज करा रही एक लाचार मां की गोद उस वक्त सूनी हो गई, जब दो महिलाओं ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उसके 5 और 7 साल के बेटों का अपहरण कर लिया। इसके बाद से हड़कंप मच गया। सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। अब देखना है प्रशासन कबतक उन मासूमों को खोज निकालती है।
वारदात का तरीका, पहचान छुपाने के लिए ‘एक जैसा पहनावा’
इस अपहरण की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिलाएं ‘ड्रेस कोड’ में थीं। दोनों ने एक ही रंग और पैटर्न के कपड़े पहन रखे थे, ताकि वे अस्पताल की भीड़ में घुल-मिल सकें और किसी को उन पर शक न हो। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे, उन्होंने बच्चों को सामान दिलाने का लालच दिया और वार्ड से बाहर ले गईं।
सीसीटीवी में कैद हुई साजिश
जब बड़ी बहन ने भाइयों की तलाश शुरू की, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस के दावों की पुष्टि कर दी है। फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं बच्चों का हाथ पकड़कर तेजी से अस्पताल परिसर से बाहर निकलती दिख रही हैं। पुलिस का मानना है कि यह किसी पेशेवर बच्चा चोर गिरोह का काम है। जिसने पहले रेकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया।
सुरक्षा पर सवाल: कहां थे गार्ड्स?
नेवालाल चौक की निवासी गुड़िया देवी 27 जनवरी से टीबी वार्ड में भर्ती हैं। दिनदहाड़े हुए इस अपहरण ने अस्पताल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इतने संवेदनशील वार्ड में बाहरी महिलाओं का प्रवेश और बच्चों को ले जाना आसानी से कैसे संभव हुआ? क्या जीएमसीएच के सुरक्षा कर्मी केवल प्रवेश द्वार तक सीमित हैं? घटना के बाद फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी और के हाट थाने समेत तीन थानों की पुलिस अलर्ट पर है। शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर नाकेबंदी कर दी गई है।
मां हुई और बीमार, नहीं मिला कोई सुराग
फिलहाल, बीमार मां की स्थिति अपने बच्चों के गम में और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस की विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अभी तक मासूमों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वे संदिग्धों के काफी करीब हैं और जल्द ही बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।

