Vigilance team arresting Junior Engineer in Madhubani Kaluahi block for taking bribe

सप्लायर से रकम मांगना JE साहब को पड़ा भारी! जैसे ही रिश्वत के 12 हजार नोट हाथों में आए, पटना निगरानी टीम ने दबोचा

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार, 11 फरवरी 2026 को मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पटना से आई निगरानी की टीम ने पंचायती राज विभाग के जूनियर इंजीनियर (तकनीकी सहायक) को रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ दबोच लिया।

जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार कनीय अभियंता (JE) की पहचान हरिशंकर कुमार (कुछ रिपोर्टों में हरि रंजन कुमार) के रूप में हुई है, जो वैशाली जिले का मूल निवासी बताया जा रहा है। आरोपी JE एक सप्लायर से लगभग 3 लाख रुपये के बकाया भुगतान के बदले ‘कमीशन’ के तौर पर 12 हजार रुपये की अवैध राशि की मांग कर रहा था। सप्लायर ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग में की थी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद, डीएसपी मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में 9 सदस्यीय धावा दल का गठन किया गया। टीम ने बुधवार शाम को पूरी गोपनीयता के साथ कलुआही प्रखंड कार्यालय परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही सप्लायर ने JE को 12 हजार रुपये थमाए, पहले से तैयार निगरानी टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

JE की गिरफ्तारी की खबर जंगल में आग की तरह प्रखंड कार्यालय में फैल गई। कार्रवाई के दौरान अन्य अधिकारी और कर्मचारी अपनी-अपनी सीटों से गायब हो गए। निगरानी की टीम आरोपी को तुरंत लेकर सर्किट हाउस पहुंची, जहां उससे घंटों पूछताछ की गई। डीएसपी मो. वसीम फिरोज ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रखंड स्तर पर बिना ‘चढ़ावा’ दिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती। विकास कार्यों और सप्लायरों के भुगतान में कमीशनखोरी आम हो गई है। निगरानी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में अब तक यह 16वां ट्रैप ऑपरेशन है, जो सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार की गहराई को दर्शाता है। इस कार्रवाई ने मधुबनी के अन्य सरकारी विभागों में भी खलबली मचा दी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता के कार्यों में बाधा डालने वाले और रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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