पटना । न्यूजस्टिच
बिहार की राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि अब दिनदहाड़े हत्याएं आम बात हो गई हैं। ताजा मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र के मानपुर बैरिया इलाके का है, जहां एक जांबाज रिटायर्ड फौजी को जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए मौत के घाट उतार दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कंकड़बाग निवासी 50 वर्षीय रिटायर्ड फौजी तेजनंदन राय अपनी खरीदी हुई जमीन पर काम करवा रहे थे। तभी अचानक आए हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमला इतना सुनियोजित था कि तेजनंदन राय को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गोलियों से छलनी फौजी को निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अपनों ने ही रची साजिश?
पटना पूर्वी के सिटी एसपी परिचय कुमार के अनुसार, इस हत्याकांड का तार उसी परिवार से जुड़ा है जिससे तेजनंदन राय ने 20 साल पहले जमीन खरीदी थी। बताया जा रहा है कि जमीन के पिछले हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने अपराधियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
पटना में बढ़ता ‘मर्डर मीटर’: जनवरी से अब तक का खौफनाक आंकड़ा
राजधानी पटना में साल 2026 की शुरुआत ही खून-खराबे से हुई है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से अब तक (फरवरी के मध्य तक) पटना और उसके आस-पास के इलाकों में हत्या की करीब 25 से अधिक बड़ी वारदातें सामने आ चुकी हैं।
- जनवरी 2026: पटना में नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत और हाजीपुर-पटना बॉर्डर पर सरिता प्रकाश हत्याकांड ने राजधानी को दहला दिया था।
- फरवरी 2026: इस महीने में अब तक फौजी की हत्या के साथ-साथ रंगदारी और आपसी रंजिश में 10 से ज्यादा हत्याएं दर्ज की गई हैं।
पुलिस भले ही आंकड़ों में अपराध कम होने का दावा करे, लेकिन ‘ग्राउंड जीरो’ पर अपराधियों का तांडव जारी है।

