पटना। न्यूजस्टिच
बिहार के किसान भाइयों के लिए आज का दिन राहत और उम्मीदों भरा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के उन अन्नदाताओं के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है, जिनकी मेहनत हाल के दिनों में आए भीषण तूफान और बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गई थी। मुख्यमंत्री ने आज पटना के ‘1 अणे मार्ग’ स्थित संकल्प कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का कृषि इनपुट अनुदान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित किया।
डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी भुगतान
मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से एक क्लिक पर राशि जारी की। इस योजना का लाभ बिहार के विभिन्न जिलों के 2 लाख से अधिक प्रभावित किसानों को मिल रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि बिना किसी देरी या बिचौलियों के हस्तक्षेप के, सीधे उस किसान तक पहुँचे जिसे इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
मंच पर दिग्गजों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित न रहे।
किसे मिला कितना मुआवजा?
फसल क्षतिपूर्ति के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार, किसानों को अलग-अलग श्रेणियों में राहत दी गई है:
असिंचित क्षेत्र: जहाँ सिंचाई की सुविधा कम है, वहां ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया गया।
सिंचित क्षेत्र: बेहतर सिंचाई वाले क्षेत्रों के लिए ₹17,000 प्रति हेक्टेयर की राशि तय की गई।
सदाबहार फसलें: गन्ना और बहुवर्षीय फसलों के नुकसान के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया गया।
किसानों में खुशी की लहर
बीते दिनों आए तूफान ने न केवल फसलों को बर्बाद किया था, बल्कि किसानों की आर्थिक कमर भी तोड़ दी थी। ऐसे समय में 100 करोड़ रुपये का यह ‘मरहम’ किसानों को अगली फसल की तैयारी करने और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में संबल प्रदान करेगा। सरकार के इस त्वरित फैसले की किसान संगठनों ने भी सराहना की है।

