नई दिल्ली। न्यूजस्टिच
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल चैट करने या फोटो बनाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब कॉर्पोरेट जगत में नियुक्तियाँ (Recruitment) भी कर रहा है। भारतीय AI स्टार्टअप ‘इनक्रूटर’ (InCruiter) ने एक अत्याधुनिक AI इंटरव्यूअर तैयार किया है, जो भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।
कैसे काम करता है यह AI इंटरव्यूअर?
यह कोई साधारण बॉट नहीं है। इनक्रूटर द्वारा विकसित यह तकनीक उम्मीदवारों से रीयल-टाइम में आमने-सामने सवाल पूछती है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
स्मार्ट सवाल: यह उम्मीदवार के अनुभव और पद की आवश्यकताओं के अनुसार खुद सवाल तैयार करता है।
चीटिंग पर लगाम: इंटरव्यू के दौरान यह पल-पल की निगरानी करता है और किसी भी तरह की धोखाधड़ी या चीटिंग को तुरंत पकड़ लेता है।
डेटा आधारित फैसला: यह पक्षपात मुक्त होकर उम्मीदवार के जवाबों, बॉडी लैंग्वेज और डेटा के आधार पर रिजल्ट तैयार करता है।
दुनिया भर में बढ़ती लोकप्रियता
इनक्रूटर की इस तकनीक का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है। वर्तमान में 7 देशों की 600 से अधिक कंपनियां इस AI इंटरव्यूअर का उपयोग कर रही हैं। इससे कंपनियों का समय और खर्च दोनों बच रहा है, लेकिन इसने एक बड़ी बहस को भी जन्म दे दिया है।
क्या HR की भूमिका खत्म हो जाएगी?
जिस तेजी से कंपनियां इस तकनीक को अपना रही हैं, उससे मानव संसाधन (HR) पेशेवरों के बीच चिंता बढ़ गई है। पारंपरिक तौर पर जो काम एक HR मैनेजर घंटों की मेहनत के बाद करता था, वह अब AI मिनटों में और अधिक सटीकता के साथ कर रहा है। तकनीक के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में स्क्रीनिंग और शुरुआती इंटरव्यू की भूमिका पूरी तरह AI के हाथों में जा सकती है।

