खगड़िया। न्यूजस्टिच
कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ समाहरणालय सभाकक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी नवीन कुमार ने की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सहित जिले के लगभग 150 अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013 पर गहन प्रशिक्षण
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में पटना से आईं राज्य परियोजना प्रबंधक सह नोडल पदाधिकारी अंकिता कश्यप ने ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013’ के कानूनी पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनन हर उस संस्थान में, जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मी कार्यरत हैं, आंतरिक समिति (IC) का गठन अनिवार्य है। वहीं, असंगठित क्षेत्र की महिलाओं की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर स्थानीय समिति (LC) कार्य कर रही है।

लापरवाही पर ₹50,000 का जुर्माना
श्रीमती कश्यप ने अधिकारियों को आगाह करते हुए बताया कि यदि कोई संस्थान आंतरिक समिति का गठन नहीं करता है, तो अधिनियम के प्रावधानों के तहत ₹50,000 तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने शिकायतों के निवारण और पीड़ितों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण के बारे में भी बारीकियों से समझाया।
जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने जिले के सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे अपने-अपने कार्यालयों में तत्काल आंतरिक समिति का गठन सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बराबरी और सम्मान हर कार्यस्थल की पहचान होनी चाहिए। महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण तैयार करना हमारी प्रशासनिक और नैतिक जिम्मेदारी है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अमृता रंजन, जिला परियोजना प्रबंधक विजय कुमार, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता अन्नु कुमारी सहित महिला विकास निगम और आईसीडीएस की पूरी टीम मौजूद रही। उपस्थित सभी अधिकारियों ने जिले में इस अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

