फारबिसगंज में ADM और Docter के बीच हाथापाई

बिहार में डॉक्टर-ADM मारपीट मामला: IMA का कड़ा रुख, जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित

बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर और अपर समाहर्ता (ADM) के बीच हुई मारपीट का मामला अब गरमा गया है। जिला प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात आधिकारिक पत्र जारी कर 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी (DM) ने टीम को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपें।

प्रशासन द्वारा गठित इस टीम में जिले के कई रसूखदार अधिकारी शामिल हैं। टीम का नेतृत्व और समन्वय की जिम्मेदारी निम्नलिखित अधिकारियों को दी गई है:

  • सिविल सर्जन, अररिया
  • अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), फारबिसगंज
  • इसके साथ ही तीन अन्य वरीय अधिकारियों को इस जांच का हिस्सा बनाया गया है।

मामला फारबिसगंज रेफरल अस्पताल से जुड़ा है, जहाँ ड्यूटी पर तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दीपक और अपर समाहर्ता डॉक्टर रामबाबू कुमार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। आरोप है कि बहस के दौरान अधिकारी ने डॉक्टर पर हाथ छोड़ दिया, जिसके बाद अस्पताल परिसर में बवाल मच गया।

इस घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। फारबिसगंज के वरिष्ठ डॉक्टर अजय कुमार ने बताया कि जब तक आरोपी अधिकारी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।

वर्तमान स्थिति यह है कि:

  1. रेफरल अस्पताल के सभी डॉक्टर और स्टाफ काला बिल्ला लगाकर विरोध जता रहे हैं।
  2. IMA के आह्वान पर फारबिसगंज शहर के सभी निजी क्लीनिक और मेडिकल प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।
  3. डॉक्टरों का साफ कहना है कि कार्यस्थल पर असुरक्षा और अधिकारियों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एक तरफ जहाँ स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है, वहीं जिला प्रशासन जांच रिपोर्ट आने तक धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहा है। अब सबकी नजरें 3 दिन बाद आने वाली उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस विवाद की दिशा तय करेगी।

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