बिहार की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा और जज्बे के मामले में वे देश में किसी से कम नहीं हैं। राष्ट्रीय सब-जूनियर रग्बी 7s चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में बिहार की बालिका टीम ने अपने आक्रामक खेल से महाराष्ट्र को 34–7 के विशाल अंतर से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। मैदान पर दिखा ‘बिहारी पावर’ मैच की शुरुआत से ही बिहार की टीम ने महाराष्ट्र पर दबाव बनाए रखा। बेहतरीन पासिंग और रफ़्तार के दम पर बिहार की खिलाड़ियों ने एक के बाद एक कई ट्राई (Try) किए। महाराष्ट्र की टीम बिहार के डिफेंस को भेदने में नाकाम रही और अंततः बिहार ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम किया। यह जीत न केवल एक ट्रॉफी है, बल्कि बिहार में रग्बी के बढ़ते प्रभाव और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
स्त्री की मर्यादा सीमाओं में नहीं, आसमान में है
शुभम आनंद इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूर्णिया रग्बी सचिव शुभम आनंद ने टीम को बधाई देते हुए एक प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आप सभी का कामयाब होना इसलिए भी जरूरी है, ताकि कोई आपको स्त्री होने की मर्यादाएं सिखाने का दुस्साहस न कर सके। जब बेटियाँ मैदान में उतरती हैं, तो इतिहास रचती हैं। आपकी यह उड़ान आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगी।
मार्गदर्शन और सहयोग को दिया श्रेय
शुभम आनंद ने इस सफलता के पीछे बिहार रग्बी सचिव पंकज कुमार ज्योति एवं बिहार रग्बी संघ के पदाधिकारियों के निरंतर मार्गदर्शन की सराहना की। इसके साथ ही, उन्होंने बिहार सरकार और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) के निदेशक श्री रविंद्र शंकरण के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके प्रोत्साहन और बुनियादी सुविधाओं के कारण बिहार की टीम आज राष्ट्रीय पटल पर चमक रही है।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड
पूरे राज्य में जश्न का माहौल बिहार बालिका टीम की इस ‘गोल्डन’ जीत के बाद खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर है। सोशल मीडिया पर BiharRugby और BiharKiBeti ट्रेंड कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत से राज्य में रग्बी जैसे खेलों के प्रति युवाओं का आकर्षण और बढ़ेगा।

