बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया है। इस फैसले के तहत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z श्रेणी से घटाकर अब Y प्लस कर दी गई है। वहीं भाजपा नेता और विधायक नितिन नवीन को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की सुरक्षा भी बढ़ाकर Z श्रेणी कर दी गई है।
इस आधार पर हुआ बदलाव
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव हालिया खतरे के आकलन (थ्रेट परसेप्शन) और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा राज्य स्तर पर गठित कमेटी द्वारा की जाती है, जिसमें समय-समय पर नेताओं की गतिविधियों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और संभावित खतरों का मूल्यांकन किया जाता है। उसी के आधार पर सुरक्षा घटाई या बढ़ाई जाती है।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटी
तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z से Y प्लस किए जाने को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि सरकार राजनीतिक कारणों से सुरक्षा में कटौती कर रही है, जबकि प्रशासन का दावा है कि यह पूरी तरह तकनीकी और निष्पक्ष प्रक्रिया है। अधिकारियों का कहना है कि Y प्लस सुरक्षा भी उच्च स्तरीय श्रेणी में आती है और इसमें पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।
नितिन नवीन और ललन सिंह को मिली ये सुरक्षा
वहीं, नितिन नवीन और ललन सिंह की सुरक्षा बढ़ाए जाने को मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के दिनों में उनके कार्यक्रमों और आवागमन को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा आवश्यक थी।
न्यूनतम श्रेणी में कर दी गई है कांग्रेस व राजद के नेताओं की सुरक्षा
इसके साथ ही कुछ कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं की सुरक्षा पूरी तरह वापस ले ली गई है या न्यूनतम श्रेणी में कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जिन नेताओं को फिलहाल कोई विशेष खतरा नहीं है, उनकी सुरक्षा हटाई गई है ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। जहां सरकार इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक भेदभाव के रूप में देख रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

