पटना। न्यूजस्टिच
बिहार में सरकारी खजाने को भरने के लक्ष्य में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। परिवहन विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात DTO, ADTO, MVI और ESI रैंक के 40 पदाधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद इन अधिकारियों ने राजस्व वसूली में रुचि नहीं दिखाई, जिसे अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही माना गया है।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
विभाग ने उन जिलों के अधिकारियों को चिन्हित किया है जहाँ प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।
जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO): भागलपुर, छपरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना, सीतामढ़ी, किशनगंज, अरवल, रोहतास और समस्तीपुर के DTO से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO): किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पटना, वैशाली, भोजपुर, सीवान और मोतिहारी के ADTO कार्रवाई के घेरे में हैं।
मोटर वाहन निरीक्षक (MVI): मुजफ्फरपुर, बेतिया, नवादा, मोतिहारी, मधुबनी, सीतामढ़ी, पटना और गया के MVI को नोटिस थमाया गया है।
प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI): भोजपुर, नवादा, मधेपुरा, लखीसराय, सुपौल, मधुबनी, बेतिया, बक्सर और मुजफ्फरपुर के ईएसआई शामिल हैं।
कार्रवाई की मुख्य वजह: ‘लक्ष्य से दूरी’
परिवहन विभाग ने हर जिले के लिए राजस्व वसूली का एक वार्षिक और मासिक लक्ष्य निर्धारित किया था। विभागीय समीक्षा बैठक में पाया गया कि इन 40 अधिकारियों के क्षेत्रों में वसूली की रफ्तार बेहद धीमी है। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने प्रवर्तन कार्य (Enforcement) और टैक्स कलेक्शन में गंभीर शिथिलता बरती, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हो रहा है।
विभाग की अंतिम चेतावनी
परिवहन विभाग के आला अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह सिर्फ नोटिस तक सीमित नहीं रहेगा। यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो विभाग उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही (Departmental Inquiry) शुरू करेगा और उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) भी दर्ज की जा सकती है।

