राजद में ‘गृहयुद्ध’ की आहट? रोहिणी का तेजस्वी पर तीखा वार! बोलीं-समीक्षा छोड़िए, पहले गिद्धों को ठिकाने लगाइए
रोहिणी आचार्य ने लिखा है कि समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी ‘खुद’ आत्म-मंथन करने और जिम्मेदारी लेने की है।
रोहिणी आचार्य ने लिखा है कि समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी ‘खुद’ आत्म-मंथन करने और जिम्मेदारी लेने की है।
16 जनवरी से शुरू हो रही इस यात्रा के जरिए सीएम धरातल पर सरकारी योजनाओं की कड़ी पड़ताल करेंगे, जो बिहार की विकास राजनीति में नया टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।