फरिश्ता बनकर उड़ान भरी, शहीद होकर लौटे: कल सेना के जवान को बचाया, आज चतरा की पहाड़ियों में सो गए डॉ. विकास

रांची/चतरा:
झारखंड के चतरा जिले में हुए एयर एंबुलेंस हादसे की खबर ने न केवल विमानन जगत को दहला दिया है, बल्कि चिकित्सा जगत के एक ऐसे जांबाज को हमसे छीन लिया है जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। रांची सदर अस्पताल के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास गुप्ता, जो मरीज संजय कुमार की सांसों की रखवाली के लिए ‘रेडबर्ड एयरवेज’ के विमान पर सवार हुए थे, अब हमारे बीच नहीं रहे।

कल तक थे ‘जीवन रक्षक’, आज खुद हुए कुर्बान
डॉ. विकास गुप्ता केवल एक चिकित्सक नहीं थे, वे ‘मेडिकल इवैक्युएशन’ (Medical Evacuation) के वह योद्धा थे जो मौत के मुंह से मरीजों को निकाल लाने के लिए जाने जाते थे। उनके साहस की कहानी इस बात से समझी जा सकती है कि हादसे से महज एक दिन पहले ही वे भारतीय सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर दिल्ली पहुंचाकर लौटे थे। उस मिशन की सफलता की थकान भी नहीं उतरी थी कि वे दूसरे गंभीर मरीज की जान बचाने के चुनौतीपूर्ण मिशन पर निकल पड़े।

कसियातु जंगल में पसरा मातम: सभी 7 शव बरामद
मंगलवार सुबह चतरा के कसियातु जंगलों से आई तस्वीरें रूह कपा देने वाली हैं। रेस्क्यू टीम ने विमान के मलबे से सभी 7 शवों को निकाल लिया है। पूरे इलाके में विमान के ईंधन की तीखी गंध फैली है और चहुं ओर चीख-पुकार मची है। हादसे का शिकार हुए पायलट विवेक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। अपने माता-पिता के इकलौते बेटे विवेक की मृत्यु ने घटनास्थल पर मौजूद हर आंख को नम कर दिया।

पीछे छूट गया एक अधूरा परिवार
डॉ. विकास मूल रूप से बिहार के थे, लेकिन लंबे समय से रांची के कचहरी चौक स्थित अपने घर में पत्नी और 8 साल के बेटे के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी एसबीआई (SBI) की कचहरी ब्रांच में कार्यरत हैं। डॉ. विकास का ज्यूडिशियरी और प्रशासनिक क्षेत्रों में गहरा सम्मान था। उनकी कमी न केवल उनके परिवार को खलेगी, बल्कि उन तमाम मरीजों को भी जो उनकी विशेषज्ञता और तत्परता के कायल थे।

जांच की ओर बढ़ते कदम
DGCA ने पुष्टि की है कि विमान ने खराब मौसम के कारण रास्ता बदलने की अनुमति मांगी थी। अब AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम दिल्ली से गया के रास्ते चतरा पहुंच रही है। जांच टीम का मुख्य फोकस ‘ब्लैक बॉक्स’ की तलाश पर है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा केवल कुदरत का कहर था या कोई तकनीकी विफलता।

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