यह सदमा नहीं, संस्थागत हत्या है! सूरज बिहारी के बाद पिता ने भी तोड़ा दम; पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने कहा-क्या सरकार को तीसरी मौत का इंतजार है?

पूर्णिया। न्यूजस्टिच

पूर्णिया के बहुचर्चित कारोबारी और ब्लॉगर सूरज बिहारी के निर्मम हत्या के 11 दिन बाद उनके पिता जवाहर यादव की मौत हो गई है। उनका निधन हर्ट अटैक से हुआ है। उनके निधन पर पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि दुर्भाग्यपूर्ण, अकल्पनीय, अविश्वसनीय, बेटे सूरज बिहारी की नृशंस हत्या के बाद न्याय की आस लगाए पिता और प्रतिष्ठित व्यवसायी जवाहर यादव का आज सुबह सदमे से निधन पूरी व्यवस्था की मौत है। पुलिस की नाकामी और जवान बेटे की हत्या के गम का बोझ लिए जवाहर जी के लिए यह पीड़ा असहनीय साबित हुई। हम जवाहर जी की मौत को संस्थागत हत्या मानते हैं और जानना चाहते है कि आखिर दो हत्याओं के जिम्मेवार को कब सजा मिलेगी ? क्या राज्य सरकार को तीसरी मौत का इंतजार है? ईश्वर पिता-पुत्र की आत्मा को शांति दे। ॐ शांति।

कुछ दिन पहले ऋषिकेश में किया था अस्थि कलश विसर्जन
पूर्णिया के चर्चित व्यवसायी और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सूरज बिहारी की हत्या के बाद से उनके पिता जवाहर यादव गहरे सदमे में थे। उनके भाई उदय ने बताया कि वे किसी से बात नहीं करते थे, अकेले रहना पसंद करने लगे थे। कुछ दिन पहले ही वे ऋषिकेश जाकर बेटे के अस्थि कलश का गंगा में विसर्जन कर लौटे थे, लेकिन मन का दर्द कम नहीं हुआ। लोगों से मिलना-जुलना लगभग बंद कर दिया था। शुक्रवार सुबह अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और हार्ट अटैक आया। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। 10 के अंदर एक ही परिवार के दो बड़े स्तंभ का यूं जाना पूरे परिवार को तोड़ दिया। इन घटना से परिवार ही नहीं पूरे इलके में मातम छाया हुआ है।

कम उम्र में ही बनाया था खुद से खुद का बड़ा साम्राज्य
पूर्णिया के खुश्कीबाग चौहान टोला निवासी सूरज बिहारी बचपन से ही बिजनेस में रुचि रखते थे। उनको जानने वालों ने बतलाया कि सूरज ने 20 साल की उम्र में पिता का कारोबार संभाल लिया था। अपनी सोच और मेहनत के बल पर उन्होंने पिता के व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। साथ ही इसे काफी बड़ा बना दिया। आज पूर्णिया शहर में उनके 18 बड़े मक्का गोदाम, बिल्डिंग मैटेरियल और रियल एस्टेट का करोड़ों का कारोबार था। इसके साथ ही वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे। उनके लाखों फॉलोअर थे। उनकी आमदनी 15 करोड़ के आसपास सालाना थी।

27 जनवरी को हुई थी सूरज बिहारी की हत्या
पूर्णिया शहर एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा है। मंगलवार की सुबह नेवालाल चौक स्थित फन सिटी पार्क के समीप गुलाबबाग निवासी युवा व्यवसायी और इन्फ्लुएंसर सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हत्या की वजह सरस्वती पूजा के दिन इंस्टाग्राम रील को लेकर हुए विवाद को बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसी विवाद के समझौते को लेकर सूरज आया था। लेकिन दूसरे पक्ष की ओर से पहले बहस और फिर मारपीट हुई और बाद में सूरज की हत्या कर दी गई। सूरज की हत्या का आरोप वसंतविहार के दो भाईयों ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह पर है। गौरतलब है कि नेवालाल चौक-वसंत बिहार अपराधियों की शरणस्थली बन चुका है और आए दिन यहां आपराधिक घटनाएं घटित होती रहती है। बता दें कि बीते 10 जनवरी को इसी नेवालाल चौक से एक युवती का अपहरण कर उसके साथ गैंग-रेप को अंजाम दिया गया था।

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