गया । न्यूजस्टिच
बिहार के गया जिले में वाणिज्य कर विभाग (Commercial Tax Department) ने कर चोरी करने वाले व्यवसायियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में विभाग ने शहर के प्रसिद्ध रेडीमेड कपड़ा प्रतिष्ठान ‘अग्रवाल एंड संस’ पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच में करोड़ों रुपये के टर्नओवर में टैक्स की हेराफेरी का मामला सामने आया है।
3 करोड़ की बिक्री और टैक्स की ‘गुमशुदगी’
विभागीय सूत्रों के अनुसार, अग्रवाल एंड संस ने पिछले वित्तीय व्यवहारों के दौरान लगभग 3 करोड़ रुपये के रेडीमेड कपड़ों की बिक्री की थी। नियमानुसार इस बड़ी राशि पर सरकार को देय टैक्स का भुगतान किया जाना अनिवार्य था, लेकिन प्रतिष्ठान द्वारा टैक्स जमा नहीं किया गया। जब वाणिज्य कर विभाग ने डेटा का विश्लेषण और मिलान किया, तो भारी विसंगतियां पाई गईं।
50 लाख तक पहुंच सकता है जुर्माना
जांच अधिकारियों का अनुमान है कि बकाया टैक्स और उस पर लगने वाले ब्याज (सूद) को मिलाकर कुल देनदारी 50 लाख रुपये तक जा सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी के मामलों में अब कोई रियायत नहीं दी जाएगी। भारी जुर्माने की सुगबुगाहट के बीच, प्रतिष्ठान की ओर से राहत पाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
20 लाख का चेक जमा, दर्जनों कारोबारी रडार पर
कार्रवाई के दबाव के बीच, अग्रवाल एंड संस की ओर से गुरुवार को 20 लाख रुपये का चेक विभाग को सौंपा गया है। हालांकि, विभाग बाकी की राशि और जुर्माने की गणना पूरी करने में जुटा है। वाणिज्य कर विभाग की इस कार्रवाई से शहर के व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह तो बस शुरुआत है। विभाग ने गया के दर्जनों अन्य बड़े कारोबारियों को भी चिन्हित किया है, जिनके जीएसटी रिटर्न और वास्तविक बिक्री में अंतर पाया गया है। आने वाले दिनों में कई और बड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई हो सकती है। वहीं विभाग ने कहा कि सभी व्यवसायी समय पर पारदर्शी तरीके से टैक्स का भुगतान करें। अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ भारी आर्थिक दंड भुगतना होगा।

