हरियाणा राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन पर ‘कमर्शियल क्वांटिटी’ के गांजे की एक बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने बिहार की दो महिला तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो बैगों में भरकर भारी मात्रा में नशा सप्लाई करने की फिराक में थीं।
सास-बहू का ‘ड्रग्स कनेक्शन’
गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान बिहार के कटिहार जिले की रहने वाली मखनी देवी और उसकी बहू अंजना कुमारी के रूप में हुई है। पूछताछ में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है कि अंजना कुमारी अपनी सास के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रही थी। वे गोरखपुर से गांजा लेकर आए थे और इसे चंडीगढ़ के दनास इलाके में खपाने की योजना थी।
चेकिंग के दौरान खुली पोल
एसपी जीआरपी नितिका गहलोत के नेतृत्व में अम्बाला छावनी स्टेशन पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। सीआईए प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार की टीम को स्टेशन पर दो महिलाओं की संदिग्ध गतिविधियां दिखीं। जब उनके तीन बड़े बैग और एक पिट्ठू बैग की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। बैगों के अंदर से 55 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
6 दिन का रिमांड: खंगाले जा रहे हैं नेटवर्क के तार
पकड़ी गई खेप इतनी बड़ी है कि इसे एनडीपीएस एक्ट के तहत ‘कमर्शियल क्वांटिटी’ माना गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 6 दिन के रिमांड पर लिया है। अब जांच इस बात पर टिकी है कि गोरखपुर में इन्हें माल किसने दिया और चंडीगढ़ में ये खेप किसे सौंपी जानी थी।
DGP का सख्त संदेश: नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने इस सफलता पर जीआरपी टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “हरियाणा को नशामुक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नशे के नेटवर्क को जड़ से मिटाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।

