मोतिहारी (रक्सौल): भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ मोतिहारी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। हरैया थाने की पुलिस, स्पेशल टीम और SSB के संयुक्त अभियान में 25 लाख रुपए के नकली नेपाली नोट और 18,500 रुपए के नकली भारतीय नोटों की खेप बरामद की गई है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सहित कुल 8 तस्करों को दबोचा है।
सीतामढ़ी से जुड़ा है तस्करी का जाल
पुलिस के अनुसार, इस पूरे गिरोह का संचालन सीतामढ़ी के मेजरगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला तिलक बहादुर थिंग अपने साथियों के साथ कर रहा था। यह गिरोह लंबे समय से भारत और नेपाल के बीच जाली नोटों की बड़ी खेप खपाने का काम कर रहा था।
छापेमारी में नोट छापने की मशीन और केमिकल बरामद
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनीष आनंद ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि तस्करों के पास से न केवल नकली नोट, बल्कि नोट तैयार करने के उपकरण भी मिले हैं। पुलिस ने इनके पास से:
- नकली नोट की मशीन और इंक केमिकल.
- नोट बनाने की अन्य कच्ची सामग्री.
- तीन बाइक और एक चार पहिया वाहन.
- 25 लाख जाली नेपाली मुद्रा और 18,500 जाली भारतीय नोट.
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी जीत
SDPO मनीष आनंद ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर बनाई गई स्पेशल टीम और SSB के जवानों ने घेराबंदी कर इन अपराधियों को पकड़ा. बरामद सामान और वाहनों से स्पष्ट है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर जाली मुद्रा के नेटवर्क को फैला चुका था। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और विदेशी संपर्कों का खुलासा किया जा सके।

