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दुखद और निंदनीय! लोकतांत्रिक व्यवस्था में बल प्रयोग अशोभनीय, चौकीदार-दफादारों पर लाठीचार्ज के खिलाफ चिराग ने खोला मोर्चा

पटना। न्यूजस्टिच
बिहार की राजधानी पटना में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे चौकीदार-दफादार कर्मियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इसे अत्यंत दुखद और निंदनीय करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बल प्रयोग के जरिए वाजिब आवाजों को दबाना किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए अशोभनीय है।

प्रमुख घटनाक्रम और पार्टी का कड़ा रुख
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया और प्रेस वक्तव्यों के माध्यम से कहा कि चौकीदार और दफादार ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे इन कर्मियों की गरिमा और आजीविका के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया है।

प्रतिनिधिमंडल का गठन और रणनीति
पार्टी ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर सरकार के उच्च गलियारों तक ले जाने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है। सांसद अरुण भारती के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री से मुलाकात करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल एक विस्तृत मांग पत्र सौंपेगा, जिसमें सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान और दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग प्रमुख होगी। चिराग पासवान ने स्वयं भी मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय पर चर्चा करने की बात कही है, ताकि इन कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।

न्याय की मांग और सामाजिक जिम्मेदारी
पासवान ने जोर देकर कहा कि सुधार के नाम पर उन परिवारों की आजीविका छीनना गलत है जो पीढ़ियों से गांवों की रखवाली कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी और निरंकुशता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिराग पासवान ने कहा कि गांवों की सुरक्षा करने वालों का सम्मान और भविष्य सुरक्षित रखना समाज एवं सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस घटना ने न केवल पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बिहार में संविदा और कैडर आधारित कर्मियों की सुरक्षा और अधिकारों की बहस को भी तेज कर दिया है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और अरुण भारती के नेतृत्व में मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल के नतीजों पर टिकी हैं।

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