डिजिटल कॉमर्स के क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से ‘पिनकोडकार्ट’ और ‘पिनकोडक’ ने 11 जनवरी को एक विशाल राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। भारत के 600 से अधिक ‘सिटी हब्स’ में एक साथ आयोजित इस कम्युनिटी-ड्रिवन इवेंट ने स्थानीय व्यापार और डिलीवरी पार्टनर्स के सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है। यह आयोजन महज एक बैठक नहीं, बल्कि 17 जनवरी को होने वाली पिनकोडकार्ट की ‘ग्रैंड सेल’ से पहले का एक बड़ा प्री-लॉन्च एंगेजमेंट था। इसमें वर्चुअल दुकानदारों, स्थानीय उद्यमियों और समुदाय के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मधेपुरा में इस कार्यक्रम का नेतृत्व पंकज कुमार साह ने किया, जहाँ तकनीक के माध्यम से जमीनी स्तर पर लोगों को सशक्त बनाने पर चर्चा हुई।
गिग वर्क से आगे: डिलीवरी पार्टनर्स बनेंगे ‘वर्चुअल दुकानदार’
कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण डिलीवरी पार्टनर्स के भविष्य पर केंद्रित रहा। पारंपरिक मॉडल में जहाँ डिलीवरी पार्टनर्स सिर्फ एक कूरियर की भूमिका निभाते हैं, वहीं पिनकोडकार्ट उन्हें ‘वर्चुअल दुकानदार’ के रूप में पहचान दिला रहा है। बिना जोखिम के व्यापार: स्थानीय पार्टनर्स बिना किसी इन्वेंट्री जोखिम के डिजिटल स्टोर संचालित कर सकेंगे। रिटेल मार्जिन से आय: डिलीवरी पार्टनर्स अब केवल फिक्स्ड पेमेंट नहीं, बल्कि रिटेल मार्जिन के जरिए मोटी कमाई कर सकेंगे। यह मॉडल उन्हें अपने ही समुदाय में एक माइक्रो-एंटरप्रेन्योर (सूक्ष्म-उद्यमी) बनने का अवसर देता है।
19 हजार से अधिक पिनकोड्स तक पहुंच
इवेंट के दौरान निर्माताओं (Manufacturers) को बताया गया कि कैसे वे पिनकोडकार्ट के साथ जुड़कर अपने उत्पादों को देश के 19,000 से अधिक पिनकोड्स तक पहुंचा सकते हैं। सिटी हब्स और मिनी हब्स के माध्यम से हाइपरलोकल कॉमर्स को मजबूत करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मधेपुरा में आयोजित इस कार्यक्रम में पंकज कुमार साह के साथ राहुल कुमार, चंदन कुमार, दीपक कुमार, विकास कुमार, त्रिवेणी कुमार, सुमित कुमार, पांडव कुमार, सुमित सिंह, प्रदीप कुमार, मुकेश कुमार और अखिलेश कुमार सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।


On January 11, 2026, City Hub was inaugurated. We all have a mini hub here.