27 जनवरी को पूर्णिया के नेवालाल चौक पर व्यवसायी सूरज बिहारी की हत्या मामले में मुख्य अभियुक्त के रूप में जो शख्स ब्रजेश सिंह सुर्खियों में है, किशोरावस्था से ही आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है। हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, एन डीपीएस एक्ट जैसे मामले में जेल जा चुका ब्रजेश सिंह बहरहाल शराब और स्मैक के अवैध कारोबार से जुड़े सिंडिकेट का संचालन कर रहा है। घटना के 60 घण्टे बाद भी पुलिस को जब कोई सफलता हासिल नही हुई तो गुरुवार को विभिन्न नागरिक संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रतिरोध मार्च निकालकर ब्रजेश सिंह और उसके भाई नंदू सिंह समेत अन्य हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग किया। गौरतलब है कि मंगलवार को शहर के नामचीन कारोबारी और ब्लॉगर सूरज बिहारी की गोली मारकर उस वक्त हत्या कर दी गई जब वे इंस्टाग्राम रील से जुड़े एक विवाद की पंचायत के लिए नेवालाल चौक पहुंचे थे।

बाल सुधार गृह में दोहरे हत्याकांड को ब्रजेश सिंह ने दिया था अंजाम
19 सितंबर 2018 को दिनदहाड़े बाल सुधार गृह पूर्णिया गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा जब सुधार गृह में ही कैद 05 बाल कैदी ने मिलकर सुधार गृह के हाउस फादर बिजेंद्र कुमार और एक बाल कैदी सरोज कुमार की गोली मारकर हत्या कर दिया और फरार हो गया।फरार होने वाले बाल-कैदियों में शुभम कुशवाहा,कल्लू, राजा कुमार ,विकास कुमार के अलावा ब्रजेश सिंह भी शामिल था।बाद में पुलिसिया पूछताछ में ब्रजेश सिंह ने स्वीकार किया था कि पूर्व के हाउस फादर अमर कुमार जिसे बर्खास्त कर दिया गया था,ने बिजेंद्र कुमार की हत्या के लिए 1.50 लाख रु की सुपारी दिया था।
नेवालाल चौक गोलीकांड में पुलिस को है ब्रजेश की तलाश
15 अगस्त 2025 को वसंत विहार इलाके में वर्चस्व को लेकर दो अपराधी-गिरोह के बीच गोलीबारी हुई थी जिसमे सड़क पर साईकल से गुजर रहा एक बालक जख्मी हो गया था। इस मामले में मरंगा थाना में कांड संख्या 278/25 दर्ज हुआ था।बीते 19 जनवरी को इस मामले में संलिप्त एक पक्ष के साहिल सौरभ को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है । साहिल पर राज्य सरकार ने 25 हजार रु इनाम घोषित कर रखा था. इस कांड में ब्रजेश सिंह भी साहिल सौरभ के साथ सह अभियुक्त है।हैरानी की बात यह है कि 06 माह बीतने के बाद भी उक्त मामले में स्थानीय पुलिस साहिल और ब्रजेश को गिरफ्तार करने में विफल साबित हुई।
शराब और स्मैक सिंडिकेट से जुड़ा है ब्रजेश
दोहरे हत्याकांड में जेल से वापसी के बाद ब्रजेश सिंह अपने भाई नंदू सिंह के साथ मिलकर अवैध शराब के धंधे से जुड़ गया. इसके बाद दोनों भाई स्मैक के कारोबार से भी जुड़ गया. हत्याकांड में शामिल स्नेहिल भी इसी सिंडिकेट का सदस्य बताया जाता है.ब्रजेश और नंदू जिस वसंत विहार इलाके में रहता है उस इलाके से पूरे जिले में शराब और स्मैक का कारोबार संचालित होता है।यह इलाका बाहरी अपराधियों का पनाहगाह भी बना हुआ है. ब्रजेश आर्म्स एक्ट और शराब मामले में पहले भी जेल जा चुका है।
पुलिस के हाथ अभी भी है खाली
बहुचर्चित सूरज बिहारी हत्याकांड में घटना के चश्मदीद और मृतक के छोटे भाई उदय बिहारी के बयान पर कांड संख्या 32/26 दर्ज कर 07 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।इसमे ब्रजेश सिंह ,नंदू सिंह और स्नेहिल झा के अलावा आदित्य झा,रजनीश सिंह,अंशु सिंह और अमन सिंह शामिल है। एसपी स्वीटी सहरावत के अनुसार तीन एसआईटी की टीम गठित की गई है और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।घटना के 72 घण्टे बीत चुके हैं और अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।शोक-संतप्त सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव कहते हैं कि ‘ पता नही केवल एफआईआर होकर रह जाएगा या हमे न्याय भी मिलेगा’।
निकाला गया कैंडल मार्च और मशाल जुलूस
29 जनवरी की शाम अखिल भारतीय यादव महासभा के आह्वान पर विभिन्न गैरराजनीतिक संगठनों द्वारा फोर्ड कंपनी चौक से लेकर आर एन शाह चौक तक कैंडल जुलूस निकाल कर सूरज के हत्यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई।कार्यक्रम में यादव महासभा के जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण यादव ,सरोज कुमार यादव, राजेन्द्र यादव,सी पी यादव,हरि प्रसाद यादव, डॉ विनोद कुमार, अधिवक्ता हेमंत यादव,रवि यादव, रवि रंजन आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई।जबकि, इस प्रतिरोध मार्च में पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव, कांग्रेस नेता जितेंद्र यादव, कांग्रेस नेता मो इरफान, एआईएमआईएम नेता मो शाहनवाज,सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, दिवाकर चौधरी,राजद नेता राजू मण्डल, कुंदन यादव,नवीन यादव, पीयूष पुजारा,विक्रम पासवान, करण यादव आदि भी उपस्थित रहे।

