पूर्णिया के बहुचर्चित कारोबारी और ब्लॉगर सूरज बिहारी के निर्मम हत्या के 08 दिन बीत चुके हैं और पूर्णिया पुलिस की एसआईटी की टीम के हाथ अभी भी खाली हैं।ऐसे में अब पुलिस ने न्यायालय का आदेश प्राप्त कर नामजद अभियुक्तों की घर की कुर्की-जब्ती की कवायद आरम्भ कर दिया है। पुलिस की इस कवायद को फरार चल रहे हत्यारोपियों पर दवाब बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।गौरतलब है कि 27 जनवरी को नेवालाल चौक के पास फन सिटी पार्क के सामने कारोबारी सूरज बिहारी की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब सूरज एक विवाद की पंचायत करने गए थे।
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इन आरोपियों के घरों की होगी कुर्की-जब्ती
पूर्णिया पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह के अलावा स्नेहिल झा और आदित्य ठाकुर,अमन सिंह,रजनीश सिंह और अंशु सिंह के घरों की कुर्की-जब्ती होगी। गौरतलब है कि ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह दोनों भाई हैं और वसंत विहार में इसका घर है। हालांकि मूल रूप से रुपौली प्रखण्ड का निवासी है।स्नेहिल झा और आदित्य ठाकुर भी वसंत विहार में रहता है लेकिन मूल रूप से खरीक, नवगछिया का रहने वाला है। वहीं,आरोपी अमन सिंह छठ पोखर नेवालाल चौक का रहने वाला है। लेकिन मूल निवासी गयाजी जिला का है। रजनीश सिंह वसंत विहार का है, लेकिन स्थायी निवासी मदरौनी, नवगछिया का है। इसके अलावा अंशु सिंह सांझा घाट ,धमदाहा का रहने वाला है। लेकिन बसन्त विहार में ही निवास करता है। जाहिर है कि वसंत विहार जो अपराधियों की शरणस्थली कहलाता है, सभी आरोपियों का इससे करीब का नाता है।
अप्राथमिकी अभियुक्त विशाल की हुई है गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक बंगाली टोला, लालगंज के विशाल को पुलिस ने एक देशी कट्टा के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।पुलिस के अनुसार, हत्यारोपियों को उसने संरक्षण देने का काम किया है।पुलिस के अनुसार, विशाल के पास से उन तीन बाइक को भी बरामद किया गया है जिसका इस्तेमाल हत्या में किया गया था।
पप्पू यादव ने कहा, सिलीगुड़ी में छिपे हैं अपराधी
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने दावा किया है कि हत्यारोपी अभी सिलीगुड़ी में हैं। इन हत्यारोपियों को बोलेनो कार संख्या BR11BG 1319 से प्रताप सिंह, विजय सिंह और लोकेश झा द्वारा सिलीगुड़ी ले जाया गया है।बड़ा सवाल यह है कि जब पप्पू यादव को यह जानकारी प्राप्त है कि अपराधी कहां छुपा हुआ है तो फिर इस बात से एसआईटी क्यों अनजान बनी हुई है।ज्यों ज्यों देर हो रही है परिजनों को न्याय की आस धुंधली नजर आने लगी है।

