नियति कितनी क्रूर हो सकती है, इसका अंदाजा खगड़िया के पसराहा में हुए इस भीषण सड़क हादसे से लगाया जा सकता है। पूर्णिया के युवा जदयू जिलाध्यक्ष राजू मंडल, जो कल तक अपने दोस्त की शादी की खुशियों में शरीक थे, आज वह खुद यादों की धुंध में खो गए। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे सतीशनगर पेट्रोल पंप के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी कार को ऐसी टक्कर मारी कि 29 वर्षीय राजू मंडल की मौके पर ही मौत हो गई।

खुशियों की बारात से मातम का सफर
जानकारी के अनुसार, राजू मंडल अपने साथी छात्र नेता सुमित की बारात में शामिल होने खगड़िया गए थे। उनके साथ पिंटू मेहता समेत 5 दोस्त सवार थे। रात भर शादी की खुशियां मनाने के बाद जब पूरी टोली वापस पूर्णिया लौट रही थी, तभी मौत ने उन्हें घेर लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार लोहे के मलबे में तब्दील हो गई। हादसे में 4 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें से 2 की हालत नाजुक होने पर उन्हें ‘हायर सेंटर’ रेफर किया गया है।
ढाई साल पहले बंधी थी गृहस्थी, पीछे छूट गई मासूम बेटी
15 मई 1997 को जन्मे राजू मंडल का राजनीतिक सफर अभी परवान चढ़ ही रहा था। महज ढाई साल पहले उनकी शादी हुई थी। घर में एक नन्ही बेटी और पत्नी उनकी वापसी का इंतजार कर रही थीं, लेकिन घर पहुंची तो सिर्फ उनके निधन की खबर। इस घटना ने पूरे पूर्णिया जिले को झकझोर कर रख दिया है।
राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर: “पुत्रवत स्नेह खो दिया”
राजू मंडल के निधन पर पूर्णिया की राजनीति के दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है:
- मंत्री लेशी सिंह ने भावुक पोस्ट में लिखा, “राजू जी का जाना संगठन और मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। वह एक मिलनसार और ऊर्जावान नेतृत्वकर्ता थे।”
- पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने अपना दुख साझा करते हुए लिखा, “मैंने तुम्हें पुत्रवत स्नेह दिया था। यकीन नहीं हो रहा कि नियति इतनी क्रूर हो सकती है। तुम्हारी कमी हमेशा खलेगी।”
राजद छात्र नेता सौरभ कुमार और युवा जदयू नेता दीपक कुमार ने भी इस असामयिक निधन को युवा राजनीति के लिए एक बड़ा घाटा बताया है। फिलहाल खगड़िया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

