रांची। न्यूजस्टिच
झारखंड के आसमान में सोमवार की शाम एक ऐसी त्रासदी घटी जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से एक गंभीर मरीज की जान बचाने के लिए उड़ी ‘रेडबर्ड एयरवेज’ की एयर एंबुलेंस (Beechcraft C90, VT-AJV) चतरा जिले के कसारिया पंचायत अंतर्गत दुर्गम पहाड़ी इलाके में क्रैश हो गई। इस विमान में दो पायलटों समेत कुल 7 लोग सवार थे।हादसे का घटनाक्रम: संपर्क टूटने के वो आखिरी मिनटविमान ने शाम 19:11 (7:11 PM) बजे रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन उड़ान के करीब 23 मिनट बाद ही संकट के बादल मंडराने लगे। शाम 19:34 बजे, जब विमान वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में था, पायलटों ने मौसम खराब होने के कारण कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से रास्ता बदलने (Deviation) की अनुमति मांगी।यही वह आखिरी पल था जब विमान का रडार से संपर्क था। इसके तुरंत बाद संचार टूट गया और विमान चतरा के घने जंगलों में जा गिरा।

‘मौत’ से लड़ने जा रहे मरीज की अंतिम यात्रा
इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू मरीज संजय कुमार की कहानी है। रांची के देवकमल हॉस्पिटल के डॉक्टर अनंत सिन्हा के अनुसार, संजय कुमार पेट्रोलियम उत्पाद की चपेट में आने से 65% तक झुलस गए थे। वह पिछले एक सप्ताह से वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट पर थे।”सुबह परिजनों से लंबी चर्चा के बाद हमने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट करने का फैसला लिया था। दोपहर 2 बजे वे अस्पताल से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे, इस उम्मीद में कि दिल्ली के बड़े अस्पताल में उनकी जान बच जाएगी।
विमान में सवार योद्धा
विमान में मरीज के साथ उनकी देखभाल के लिए एक समर्पित टीम और परिजन सवार थे। क्रू कैप्टन विवेक विकास बिलागत और कैप्टन सवरदीप सिंह। मेडिकल टीम में डॉ.विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा। परिजन (अटेंडेंट) में अर्चना देवी और धुरु कुमार।
रेस्क्यू ऑपरेशन और सरकारी प्रतिक्रिया
हादसे की जानकारी मिलते ही चतरा के SP सुमित अग्रवाल ने स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना किया। हालांकि, इलाका पहाड़ी और जंगली होने के कारण राहत कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए घटनास्थल का दौरा करने की पुष्टि की है।
जांच के घेरे में ‘रेडबर्ड एयरवेज’ और मौसम
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) की टीमें दिल्ली से रवाना हो चुकी हैं। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:खराब मौसम: क्या अचानक आए तूफान या कम दृश्यता के कारण पायलट ने नियंत्रण खो दिया?तकनीकी खराबी: क्या पुराने पड़ चुके Beechcraft C90 इंजन में कोई खराबी आई थी?ऑपरेशनल प्रोटोकॉल: क्या खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद उड़ान भरने का फैसला सही था?अब तक का सारांश (Quick Facts)विवरणजानकारीविमान ऑपरेटररेडबर्ड एयरवेज प्रा. लि.विमान का प्रकारBeechcraft C90 (VT-AJV)प्रस्थान स्थलरांची (19:11 IST)दुर्घटना स्थलकसारिया पंचायत, चतरा (झारखंड)कुल सवार07 (2 क्रू + 5 यात्री)यह हादसा न केवल एक विमान दुर्घटना है, बल्कि उन परिवारों के लिए एक गहरा सदमा है जो अपने प्रियजन को नई जिंदगी दिलाने की उम्मीद में दिल्ली ले जा रहे थे। फिलहाल, पूरा प्रशासन और रेस्क्यू टीम घायलों की तलाश और मलबे तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।

