पूर्णिया के चर्चित सूरज बिहारी हत्याकांड के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने इस बात का भी पता लगा लिया है कि सूरज को किस हथियार से गोली मारी गई थी। दरअसल, शनिवार को पूर्णिया पुलिस ने सूरज बिहारी हत्याकांड को लेकर प्रेसवार्ता की। पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत ने स्पष्ट कर दिया है कि सूरज को जिस पिस्टल से गोली मारी गई थी वह उन्हीं की लाइसेंसी पिस्टल थी। पुलिस ने उसे बरामद भी कर लिया है।
सूरज बिहारी का पिस्टल छीन कर मारी गई थी गोली
घटनास्थल का जो सीसीटीवी फुटेज वायरल है उसमें ब्रजेश सिंह को घटनास्थल पर पहुंच कर कमर से पिस्टल निकालकर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है। एसपी स्वीटी सहरावत के अनुसार, अपराधियों ने सूरज के लाइसेंसी पिस्टल को छीनकर उसी पिस्टल से उसकी हत्या कर दी थी और पिस्टल लेकर फरार हो गया था, उस पिस्टल को भी बरामद कर लिया गया है। कहा कि ब्रजेश और नंदू का आपराधिक इतिहास रहा है और दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और शराब मामले में मुकदमा दर्ज है. कहा कि हत्यारोपियों को स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाई जाएगी।
अपराधियों को जिन्होंने शरण दी उनके खिलाफ भी होगी कार्रवाई
एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि हत्याकांड के बाद सभी अपराधी दो गुटों में बांटकर अलग-अलग दिशा में भाग गए। इस दौरान यह लोग दिल्ली, नोएडा, भोपाल, फरक्का, हावड़ा और नेपाल में शरण लिया। लेकिन सभी अपराधी लगातार ठिकाना बदलता रहे थे। स्नेहिल ने अपने मौसी के घर नौगछिया में भी शरण लिया था।बताया कि ब्रजेश, नंदू और अमन को रुपौली से गिरफ्तार किया गया। एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि फरार अभियुक्तों को जिन लोगों ने शरण दिया, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पैतृक गांव में ही शरण लिए हुए था मुख्य आरोपी
पुलिस ने हत्याकांड के बाद तीन एसआईटी टीम का गठन किया और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी आरम्भ हुई।शुक्रवार को पुलिस को तब अहम सफलता मिली जब मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना में हत्याकांड के नामजद आरोपी स्नेहिल झा और आदित्य ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि यह भी कहा जाता है कि स्नेहिल और आदित्य ने सरेंडर किया। जबकि शनिवार को मुख्य अभियुक्त ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह के अलावा अमन सिंह को रुपौली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात यह है कि ब्रजेश और नंदू जो सगा भाई हैं, मूल रूप से रुपौली थाना क्षेत्र का ही निवासी है, जबकि अमन गया जिला का निवासी है। अभी भी शेष दो नामजद अभियुक्त रजनीश सिंह और अंशु सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
27 जनवरी को वसंत बिहार में हुई थी सूरज की हत्या
गौरतलब है कि 27 जनवरी की सुबह करीब 8.30 बजे शहर के वसंत विहार इलाके में शहर के मशहूर कारोबारी और ब्लॉगर 28 वर्षीय सूरज बिहारी की उस समय हत्या कर दी गई थी जब वे एक अन्य ब्लॉगर द्वारा बनाये गए इंस्टाग्राम रील से जुड़े विवाद की पंचायत करने गए थे। तब दूसरे पक्ष से जुड़े आपराधिक पृष्ठभूमि के अपराधियों ने बीच सड़क पर सूरज को गोलियों से छलनी कर दिया था। गहरे सदमे से गुजर रहे सूरज के पिता का का शुक्रवार को ह्रदयाघात से निधन हो गया था।

