बिहार की राजनीति में रविवार को एक ओर धमाका हुआ। इस बार धमाका लालू परिवार से हुआ है। लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने पार्टी के कुछ नेताओं और करीबियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजप्रताप ने स्टष्ट किया है कि उन्हें न केवल मानसिक रूप से परेशान किया गया है, बल्कि उनकी हत्या की साजिश भी रची जा रही है। तेजप्रताप ने ये खुलासे बकायदा प्रेस काउन्फ्रेंस कर के किये हैं।
मुझे बदनाम करने की कोशिश
प्रेस वार्ता के दौरान तेजप्रताप ने कहा कि उनके साथ पिछले दिनों बुरा व्यवहार किया गया और उन्हें घर से निकाल दिया गया। उन्होंने मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज, शक्ति सिंह और सुनील सिंह को जयचंद करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मिलकर उन्हें बदनाम किया है और वे अब इस संबंध को पूरी तरह खारिज करते हैं।
अकाउंट हैकिंग का दावा
अनुष्का यादव के साथ वायरल हुई फोटो पर सफाई देते हुए तेजप्रताप ने कहा कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आलोक गुर्जर कौन है और उस लड़की अनुष्का का आलोक से क्या संबंध है, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उनके पिता की तरह ही झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रची गई है।
डिप्रेशन में पहुँचाया, फांसी लगाने की आ गई थी नौबत
तेजप्रताप ने बेहद दर्दनाक खुलासा करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण ने उन्हें डिप्रेशन में धकेल दिया था और स्थिति यहाँ तक पहुँच गई थी कि उन्हें फांसी लगाने जैसा विचार आने लगा था। उन्होंने पूर्व विधायक मुकेश रौशन को एक ‘गिरोह’ का संचालक बताते हुए आरोप लगाया कि मुकेश रौशन उनकी हत्या कराना चाहते हैं।
पीएम मोदी से मुलाकात और कानूनी लड़ाई
तेजप्रताप ने घोषणा की कि वे इन बदनाम करने वालों के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि बिहार के गृह मंत्री ने भी उन्हें बातचीत के लिए बुलाने का आश्वासन दिया है।

