समस्तीपुर में बुजुर्ग दंपत्ति की अंतिम यात्रा।

पूरा हुआ साथ जीने और मरने का वादा, एक साथ शुरू हुई बुजुर्ग दंपत्ति की अंतिम यात्रा

जन्म-जन्म का साथ या सात जन्मों का साथ सुनने में निश्चित रूप से रूमानी लगता है और प्रेमी -युगल और युगल-दंपत्ति अक्सर ऐसे वादे भी करते हैं लेकिन बदलते दौर में सात फेरों की डोर इतनी नाजुक हो गई है कि कब टूट कर बिखर जाए, कह पाना कठिन है। लेकिन, अनिश्चितताओं के बीच कई बार ऐसी खबरें सामने आ जाती है जब ऐसा लगता है कि साथ जीने और साथ मरने की बात महज कल्पना नही है,साकार भी होती है। समस्तीपुर के उजियारपुर प्रखंड के परोरिया गांव में सोमवार की रात जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने का वादा पूरा करते हुए किसान दंपत्ति ने अंतिम सांसे ली और मंगलवार को दोनों की एकसाथ अंतिम-यात्रा निकली।

मिली जानकारी अनुसार,परोरिया वार्ड संख्या 11 निवासी 95 वर्षीय किसान युगेश्वर राय और उनकी 90 वर्षीय पत्नी तेतरी देवी का निधन कुछ ही समय के अंतराल पर सोमवार की रात हो गया। पहले पति की मौत हुई तो परिवार में मातम छा गया। उसके बाद परिजनों का आगमन शुरू हुआ और युगेश्वर राय की अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई। पति के शव के पास विलाप करती तेतरी देवी की भी अचानक ह्रदय-गति रुक गई और दम तोड़ दी। किसान दंपत्ति के एक साथ निधन की खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई।

अंतिम यात्रा के दौरान गांव का माहौल गमगीन था और हर कोई इस अनोखे लेकिन मार्मिक संयोग से भावविह्वल था। ग्रामीणों के अनुसार, किसान-दंपत्ति का दांपत्य -जीवन प्रेम निष्ठा और समर्पण का अनुकरणीय उदाहरण था। पता नही सात जन्मों का साथ होता है या नही लेकिन इस दंपत्ति ने साथ जीने और साथ मरने के वादे को बखूबी निभाया जो विरले होता है।

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