NEET की तैयारी कर रही नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत और दुष्कर्म के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ा खुलासा किया है। FSL रिपोर्ट के आधार पर अब इस केस में POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ दी गई हैं, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटना पुलिस ने साक्ष्यों के दम पर अदालत से अनुमति ली है, और अब सुनवाई POCSO की विशेष अदालत में होगी।
FSL रिपोर्ट ने बदला केस का रुख
मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट से आया। सूत्रों के अनुसार, मृतका के अंतःवस्त्रों पर पुरुष का स्पर्म पाया गया, जो दुष्कर्म की पुष्टि करता है। चूंकि छात्रा नाबालिग थी, SIT ने वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अदालत में धाराएं बढ़ाने की अर्जी दी। कोर्ट ने इसे मंजूर कर लिया। पहले यह केस सामान्य हत्या और संदिग्ध मौत की धाराओं तक सीमित था, लेकिन अब POCSO के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
नाबालिग होने का पुख्ता सबूत
SIT ने छात्रा के उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की, जिसमें वह नाबालिग साबित हुई। FSL रिपोर्ट को केस डायरी का मुख्य हिस्सा बनाया गया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि POCSO एक्ट लागू होने से फास्ट ट्रैक ट्रायल होगा, और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। बिहार में ऐसे मामलों में त्वरित न्याय की मिसाल कायम करने का प्रयास है।
SIT की प्रमुख कार्रवाईयां
नाबालिग प्रमाण: उम्र के दस्तावेजों से पुष्टि।
वैज्ञानिक साक्ष्य: FSL रिपोर्ट को आधार बनाया।
कानूनी बदलाव: हत्या से दुष्कर्म-POCSO धाराओं में रूपांतरण।
प्रशासन का दावा है कि SIT हर कोण से बारीकी से जांच कर रही है। पीड़िता के परिवार को जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया है। पटना में NEET छात्रा मौत का यह मामला सनसनी फैला रहा है, और जनता न्याय की मांग कर रही है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

