पूर्व RJD एमएलए के बिगड़े बोल! आरक्षण को छुआ तो उंगली काट लेंगे, राज्यसभा-MLC में कोटा की मांग

देश में एक तरफ जहां UGC और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर घमासान छिड़ा है, वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर में आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर राजद के एक दलित नेता ने बेहद आक्रामक और विवादास्पद बयान देकर सियासी पारे को गरमा दिया है। सकरा में आयोजित एक सार्वजनिक मंच से पूर्व विधायक लालबाबू राम ने केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए ‘उंगली काट लेने’ की बात कही है।

सकरा में संत रविदास जी की 649वीं जयंती समारोह के अवसर पर राजद के पूर्व विधायक लालबाबू राम मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे थे। जनसभा को संबोधित करते हुए उनके सुर काफी तल्ख नजर आए। उन्होंने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा, “आज हमारे आरक्षण को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। बैकलॉग की सीटें भरी नहीं जा रही हैं और प्रोन्नति (Promotion) में आरक्षण को समाप्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अब हमारे संविधान को बदलने की साजिश रची जा रही है। आक्रोश व्यक्त करते हुए लालबाबू राम ने मंच से दहाड़ते हुए कहा कि मैं साफ़ चेतावनी देता हूँ, अगर हमारे आरक्षण को खत्म करने की कोशिश हुई या संविधान को बदलने का दुस्साहस किया गया, तो ऐसा करने वालों की हम उंगली काट लेंगे।

अपने संबोधन में पूर्व विधायक ने केवल चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि आरक्षण के विस्तार का एक नया मुद्दा भी छेड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज भी दलित समाज को उच्च सदनों में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिस तरह अन्य क्षेत्रों में आरक्षण लागू है, उसी तरह राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) में भी दलितों और पिछड़ों के लिए आरक्षण की व्यवस्था अनिवार्य की जानी चाहिए।

विवादित बयान के बाद जब मीडिया ने उनसे इस पर स्पष्टीकरण मांगा, तो लालबाबू राम पीछे हटने के मूड में नहीं दिखे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने बयान को दोहराया और कहा कि मौजूदा सरकार लगातार दलितों के संवैधानिक अधिकारों पर कैंची चला रही है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि हमारे अधिकार छीने जा रहे हैं और अब हम चुप नहीं बैठेंगे। राज्यसभा और MLC में आरक्षण हमारी वाजिब मांग है और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा। राजद नेता के इस ‘उंगली काट लेंगे’ वाले बयान ने अब राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज होने की संभावना है।

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