पटना में शुक्रवार की रात सियासी गहमागहमी के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। 31 साल पुराने एक मामले को लेकर गर्दनीबाग पुलिस पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुँची। गौरतलब है कि पुलिस ने इस कार्रवाई की तैयारी दो दिन पूर्व ही उनके घर पर कुर्की-जब्ती का इश्तेहार चिपकाकर कर दी थी। जैसे ही सांसद दिल्ली से पटना पहुँचे, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की, जिसे पप्पू यादव ने अपनी हत्या की साजिश करार दिया है।
संसद की कार्यवाही से लौटते ही पुलिस पहुंची
सांसद पप्पू यादव के पटना स्थित आवास पर पुलिस ने दो दिन पहले ही कोर्ट के आदेशानुसार कुर्की का इश्तेहार चस्पा कर दिया था। शुक्रवार रात को जब सांसद संसद की कार्यवाही के बाद दिल्ली से लौटे, तो पुलिस का भारी दल-बल उनके घर के भीतर दाखिल हो गया। सांसद ने पुलिस की इस कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे खुद कानून का पालन करने के लिए पटना आए हैं, तो रात के अंधेरे में अपराधियों की तरह घेराबंदी करना समझ से परे है।
यह मुझे मारने की साजिश
सांसद पप्पू यादव ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा आज रात के 11 बजे पुलिस सिविल ड्रेस में मुझे अरेस्ट करने आई है। इस रेड जैकेट वाले को देखिए, जो खुद को इंस्पेक्टर बता रहा है और कमर में पिस्टल बांधे हुए है। अगर ये पुलिस है तो वर्दी में क्यों नहीं? यह मुझे मारने की साजिश है।
31 साल पुराना है मामला
पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि जिस मामले में यह कार्रवाई की जा रही है, वह 31 साल पुराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर उनके साथ अपराधियों जैसा सुलूक कर रही है, जबकि वे स्वयं कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए दिल्ली से सीधे पटना आए हैं। देर रात हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही पप्पू यादव के समर्थकों की भारी भीड़ उनके आवास पर जमा हो गई। एक वर्तमान सांसद के खिलाफ 31 साल पुराने मामले में इस तरह की ‘देर रात की कार्रवाई’ ने बिहार की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक मंशा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

