पटना। न्यूजस्टिच
बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नया बवंडर खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को संबोधित करते हुए कहा कि ई लड़की को कुछ आता था। बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री के प्रति इस भाषा के इस्तेमाल ने राजद को हमलावर होने का बड़ा मौका दे दिया है।
तेजस्वी यादव का तीखा हमला, नीतीश जी को इलाज की जरूरत है
इस टिप्पणी के तुरंत बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए तीखा पोस्ट साझा किया। तेजस्वी यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा बिहार की पहली महिला CM को नीतीश जी कह रहे ‘ई लड़की को कुछ आता था’। नीतीश जी को इलाज की जरूरत है। शर्म आती है, ये व्यक्ति पिछले 20 सालों से बिहार को बर्बाद किए हुए हैं। कभी बालिका गृह तो कभी NEET छात्रा के साथ अन्याय! यही काम किया है सुशासन बाबू ने?
‘महिला अस्मिता’ बनाम ‘सुशासन’
राजद इस मुद्दे को केवल एक राजनीतिक बयान के तौर पर नहीं, बल्कि महिला अस्मिता और अपमान से जोड़कर पेश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि एक ऐसी महिला जिसने आठ साल तक राज्य की कमान संभाली हो, उनके लिए ‘लड़की’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना न केवल असंसदीय है, बल्कि मुख्यमंत्री की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। राजद के खेमे में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि नीतीश कुमार सदन की गरिमा और महिलाओं के सम्मान को भूल चुके हैं। तेजस्वी ने अपने पोस्ट में मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड और हालिया नीट (NEET) परीक्षा विवाद का जिक्र कर नीतीश सरकार को महिला विरोधी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली सरकार करार दिया है।
क्या होगा सियासी असर?
बिहार में चुनावी सुगबुगाहट के बीच इस बयानबाजी ने लड़ाई को व्यक्तिगत बना दिया है। जहां नीतीश कुमार अपने अनुभव की दुहाई देते हैं, वहीं तेजस्वी यादव अब उन्हें रिटायरमेंट और इलाज की सलाह देकर जनता के बीच एक नया नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं।

