मोतिहारी। न्यूजस्टिच
सीमावर्ती शहर रक्सौल के एयरपोर्ट फील्ड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले ही दिन व्यवस्थाएं ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। विख्यात कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की एक झलक पाने और पंडाल में प्रवेश करने के लिए मची होड़ इस कदर बढ़ी कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान मची भगदड़ में कई लोग घायल हो गए, जबकि दो बच्चे अपनी माँ से बिछड़ गए।
लोहे का गेट उखाड़ा, बेकाबू हुई भीड़
घटना उस वक्त की है जब अनिरुद्धाचार्य महाराज कथा स्थल पर प्रवेश कर रहे थे। महाराज के साथ ही पंडाल के मुख्य द्वार से अंदर घुसने के लिए हजारों की संख्या में भक्त एक साथ टूट पड़े। स्थिति तब और बिगड़ गई जब बेकाबू भीड़ ने प्रवेश द्वार पर लगे भारी लोहे के गेट को ही उखाड़ फेंका। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और वालंटियर्स भीड़ के आगे लाचार नजर आए।
पुलिस का लाठीचार्ज और भगदड़ का मंजर
भीड़ को अनियंत्रित होता देख और सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में पड़ते देख पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। लाठीचार्ज होते ही पंडाल के बाहर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसा माहौल बन गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस अफरा-तफरी में दो-तीन महिलाएं जमीन पर गिरकर चोटिल हो गईं।
बिछड़े बच्चे, चीखती रही माँ
भगदड़ के बीच सबसे हृदयविदारक मंजर तब दिखा जब भीड़ के दबाव में दो छोटे बच्चे अपनी माँ से बिछड़ गए। अपने कलेजे के टुकड़ों को आँखों से ओझल होता देख माँ बीच सड़क पर चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन भीड़ के शोर में उसकी आवाज दबकर रह गई। हालांकि, स्थानीय लोगों और प्रशासन द्वारा बच्चों की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।
ट्रक की छत बनी ‘VIP’ गैलरी
कथा पंडाल में भीड़ का आलम यह था कि पैर रखने तक की जगह शेष नहीं बची। हजारों श्रद्धालु पंडाल के बाहर खड़े रहे और जगह न मिलने पर पास में खड़े ट्रकों की छतों पर चढ़कर कथा सुनते नजर आए। यह दृश्य स्पष्ट कर रहा था कि प्रशासन और कथा मैनेजमेंट ने भीड़ का जो आकलन किया था, वह पूरी तरह गलत साबित हुआ।
प्रशासनिक तैयारी पर उठे सवाल
रक्सौल एयरपोर्ट फील्ड में आयोजित इस बड़े धार्मिक समागम में जिस तरह की अव्यवस्था देखने को मिली, उससे स्थानीय प्रशासन और आयोजकों की तैयारी पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। लाखों की संभावित भीड़ के बावजूद सुरक्षा घेरा और एंट्री मैनेजमेंट नाकाफी दिखा। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

