संसद परिसर के बाहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद जोशी के बीच हुई अनौपचारिक मुलाकात की एक झलक।

राहुल के आते ही अधूरी बात छोड़कर निकल गए भाजपा के मंत्री, पीछे मुस्कुराती रहीं प्रियंका

देश की राजनीति अब वहां पहुंच गई है जहां राजनेता न तो शब्दों की मर्यादा में रहते हैं और न ही एक दूसरे का सम्मान करते हैं। भाजपा के लिए यह मसला इसलिए भी अधिक गंभीर हो जाता है क्योंकि भारतीय जनता दल के नेता अक्सर इस बात को याद दिलाते रहते हैं कि नेहरू जी की तस्वीर को किस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में पुन: लगवाया था। भाजपा के नेता खुद को स्वस्थ मनासिकता वाली पार्टी बताती रहती है। मगर आज से सदन के बाहर हुआ वह यह जरूत बता रहा है कि भाजपा खुद का पीठ थपथपाती है, जबकि उसकी पार्टी के नेता न तो विपक्षी दल के नेता का सम्मान करना जानते हैं न ही उन्हें व्यवहारिक ज्ञान है। दरअसल, बुधवार को संसद भवन के बाहर उस समय एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अचानक उन मंत्रियों के बीच पहुँच गए जो मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने ‘भारत-अमेरिका व्यापार सौदे’ को लेकर सरकार पर बेहद तीखे हमले किए थे। सदन से बाहर निकलने के बाद, केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी मीडिया के कैमरों के सामने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दे रहे थे। अश्विनी वैष्णव कह रहे थे कि राहुल गांधी को आरोप लगाने से पहले तथ्यों को प्रमाणित (Authenticate) करना चाहिए।

तभी, अचानक राहुल गांधी वहां से गुजरे और मुस्कुराते हुए सीधे मंत्रियों के पास पहुँच गए। उन्होंने मंत्रियों के कंधे के पीछे से झांकते हुए मजाकिया और अनौपचारिक लहजे में कहा— “आइए, साथ मिलकर बात करते हैं!” (Come, let’s stand together. Let’s do it together!)

राहुल गांधी का यह अंदाज देख दोनों केंद्रीय मंत्री अचानक सकपका गए। जैसे ही राहुल गांधी ने साथ खड़े होकर बात करने का प्रस्ताव दिया, मंत्रियों ने अपनी बातचीत अधूरी छोड़ दी और हाथ से इशारा करते हुए वहां से तुरंत निकल गए।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी वहां मौजूद थीं और वह इस नजारे को देखकर मुस्कुराती नजर आईं। यह पूरा वाकया कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस समर्थकों ने इसे मंत्रियों का ‘मैदान छोड़कर भागना’ बताया, तो वहीं भाजपा समर्थकों ने इसे राहुल गांधी द्वारा मीडिया ब्रीफिंग में ‘व्यवधान’ डालने की कोशिश करार दिया।

इस बाहरी वाकये की पृष्ठभूमि सदन के अंदर की गरमागरम बहस थी। राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आरोप लगाया था कि:

  • भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता एक “पूर्ण समर्पण” है।
  • उन्होंने सरकार पर “भारत माता को बेचने” जैसा गंभीर आरोप लगाया।
  • राहुल ने एक मार्शल आर्ट्स सादृश्य (Chokehold) का उपयोग करते हुए कहा कि पीएम मोदी पर अमेरिका का भारी दबाव है।

विपक्ष के इन आरोपों पर सत्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया और उनसे इन बयानों को प्रमाणित करने की मांग की। इसी का जवाब देने के लिए मंत्री बाहर मीडिया से बात कर रहे थे, जब यह ‘आमना-सामना’ हुआ।

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