गुवाहाटी/सीवान। न्यूजस्टिच
असम की धरती पर आयोजित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भव्य परेड के दौरान उस वक्त बिहार का गौरव सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब ओड़िशा सेक्टर के आईजी अमितेन्द्र नाथ सिन्हा को ‘राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक’ (President’s Medal for Distinguished Service) से नवाजा गया। गुवाहाटी में आयोजित इस गरिमामय समारोह में अमितेन्द्र नाथ सिन्हा को उनकी दीर्घकालिक उत्कृष्ट सेवाओं, अदम्य साहस और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके बेमिसाल योगदान के लिए औपचारिक रूप से यह सम्मान प्रदान किया गया।
शौर्य और अनुशासन का संगम
गुवाहाटी में आयोजित सीआरपीएफ की इस विशेष परेड में बल के अनुशासन और पेशेवर दक्षता का भव्य नजारा देखने को मिला। वरिष्ठ सैन्य और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में जब आईजी अमितेन्द्र नाथ सिन्हा को सम्मानित किया गया, तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बता दें कि यह पदक भारत के राष्ट्रपति द्वारा केवल उन अधिकारियों को दिया जाता है जिनकी सेवा का रिकॉर्ड बेदाग रहा हो और जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में असाधारण नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया हो।
स्वतंत्रता सेनानी की विरासत और ‘बंगरा’ का गौरव
अमितेन्द्र नाथ सिन्हा मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के बंगरा गांव के रहने वाले हैं। यह वही गांव है जिसे ‘स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि’ कहा जाता है। अमितेन्द्र की रगों में देशभक्ति का जज्बा विरासत में मिला है; वे प्रख्यात दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी रामलखन सिंह के वंशज हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उनके पैतृक गांव बंगरा में जश्न का माहौल है। उनके पिता, डॉ. यतीन्द्र नाथ सिन्हा, देश के प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सक और ‘होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। वहीं, उनकी माता बच्ची देवी एक सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं, जिन्होंने अमितेन्द्र को बचपन से ही राष्ट्रसेवा और ईमानदारी के संस्कार दिए।
ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल
ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी अमितेन्द्र नाथ सिन्हा की पहचान महकमे में एक सख्त और ईमानदार अधिकारी के तौर पर रही है। वर्तमान में सीआरपीएफ में आईजी (ओडिशा) के पद पर तैनात सिन्हा ने उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान न केवल एक अधिकारी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि बिहार की उस मिट्टी का भी सम्मान है जिसने देश को हमेशा से योद्धा और नेतृत्वकर्ता दिए हैं।
सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा
सीआरपीएफ को देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में अमितेन्द्र नाथ सिन्हा जैसे अधिकारियों का सम्मानित होना न केवल बल के जवानों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि युवा आईपीएस अधिकारियों के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में कार्य करता है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो छोटे से गांव से निकलकर भी देश के सर्वोच्च सम्मानों तक पहुंचा जा सकता है।

