बिहार शराबबंदी पर आर-पार! मुकेश सहनी ने भाजपा पर लगाया ‘मोटी कमाई’ का आरोप, मांझी ने फिर उठाई समीक्षा की मांग

बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा को लेकर छिड़ी बहस के बीच विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सहनी ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर शराबबंदी के खिलाफ एक माहौल (धारणा) बना रही है ताकि इस कानून को खत्म कर ‘मोटी कमाई’ का रास्ता साफ किया जा सके।

सहनी ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि जब आप खुद सरकार में हैं, तो यह कानून असफल क्यों हो रहा है? उन्होंने राजस्व के नुकसान पर सवाल उठाते हुए कहा, “भाजपा पहले यह बताए कि आपने शराबबंदी लागू की और अब सालाना 40 हजार करोड़ का नुकसान करवा रहे हैं। पिछले 9-10 सालों में जो लाखों-करोड़ों का नुकसान हुआ, उसका जवाब कौन देगा?”

VIP प्रमुख ने आगे कहा कि भाजपा को पता है कि अब बिहार में उनके पास कुछ बचा नहीं है, इसलिए वे एक सोची-समझी धारणा बना रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा चाहती है कि शराब फिर से शुरू हो जाए ताकि वे इससे अवैध तरीके से या फिर नए तंत्र के जरिए मोटी कमाई कर सकें। सहनी ने स्पष्ट किया कि सरकार में होने के नाते निर्णय लेने की जिम्मेदारी उन्हीं की है, लेकिन वे अपनी असफलता को छिपाने के लिए समीक्षा का नाटक कर रहे हैं।

दूसरी ओर, एनडीए के घटक दल ‘हम’ (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी लंबे समय से शराबबंदी की समीक्षा की वकालत कर रहे हैं। मांझी ने कहा कि शराबबंदी के नाम पर गरीबों, दलितों और पिछड़ों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि शराब की थोड़ी मात्रा को औषधीय रूप में छूट मिलनी चाहिए ताकि निर्दोष लोग जेल जाने से बचें।

मुख्य विपक्षी दल आरजेडी (RJD) ने भी इस आग में घी डालने का काम किया है। पार्टी की लगातार कहा जा रहा है कि बिहार में शराबबंदी केवल कागजों पर है। होम डिलीवरी के जरिए शराब माफिया और पुलिस का गठजोड़ फल-फूल रहा है। आरजेडी ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग ही इस समानांतर अर्थव्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं।

इन हमलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) रक्षात्मक मुद्रा में है। जेडीयू नेताओं का कहना है कि शराबबंदी महिलाओं और समाज के हित में लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के कुछ नेताओं की व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन सरकार के संकल्प में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

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