PUSU Election Results 2026: NSUI की ‘मोहब्बत की दुकान’ का असर? ABVP गढ़ बचाने में सफल पर शीर्ष पद गंवाया, छात्र जदयू और राजद पिछड़ गए

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) चुनाव 2026 के परिणामों ने बिहार की छात्र राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने अपनी खोई हुई जमीन वापस पाते हुए सेंट्रल पैनल के दो सबसे शक्तिशाली पदों—अध्यक्ष और महासचिव पर प्रचंड जीत हासिल की है।

अध्यक्ष पद: NSUI के शांतनु शेखर ने एकतरफा मुकाबले में जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी छात्र JDU के प्रिंस राज को 1496 वोटों के विशाल अंतर से शिकस्त दी। शांतनु को कुल 2896 वोट मिले।

महासचिव पद: NSUI की खुसी कुमारी ने 2164 वोट हासिल कर छात्र RJD के प्रत्युष राज को 553 वोटों से हराया। खुशी कुमारी की जीत को पटना विमेंस कॉलेज और मगध महिला कॉलेज की छात्राओं के जबरदस्त समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

जहां NSUI ने शीर्ष पर कब्जा किया, वहीं ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) पूरी तरह खाली हाथ नहीं रही। संगठन ने संयुक्त सचिव (अभिषेक शर्मा) और कोषाध्यक्ष (हर्षवर्धन) के पदों पर जीत दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, सत्ता के करीब माने जाने वाले छात्र जदयू और छात्र राजद के लिए यह चुनाव किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा।

छात्र जदयू: इनके उम्मीदवार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन जीत का मार्जिन इतना बड़ा था कि संगठन के पास हार स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

छात्र राजद: महासचिव पद पर अपनी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद संगठन NSUI की लहर को नहीं रोक पाया।

NEET और पेपर लीक का मुद्दा: पोस्टरों के संदेशों से स्पष्ट है कि NSUI ने इस चुनाव को स्थानीय मुद्दों से ऊपर उठाकर ‘NEET परीक्षा में धांधली’ और युवाओं के न्याय की लड़ाई बना दिया। शांतनु शेखर की जीत के पाद पोस्टरों लिखा नारा सत्ता की चुप्पी के बीच, युवाओं की आवाज गूंज उठी ने छात्रों के बीच गहरा प्रभाव डाला।

वोटों का बिखराव: छात्र राजद और छात्र जनशक्ति जनता दल (तेज प्रताप गुट) के बीच तालमेल की कमी ने गैर-भाजपा वोटों को विभाजित कर दिया, जिसका सीधा लाभ NSUI को मिला। एंटी-इंकंबेंसी: पिछले कुछ समय से कैंपस की समस्याओं (हॉस्टल फीस, सुरक्षा और प्लेसमेंट) पर छात्र जदयू और राजद की चुप्पी उनके खिलाफ गई। यह चुनाव परिणाम केवल एक कैंपस की जीत नहीं है, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं के बदलते मिजाज का संकेत है। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार उमड़ सिफत फैज की जीत यह भी दर्शाती है कि छात्र अब किसी पार्टी के लेबल के बजाय व्यक्तिगत छवि और संघर्ष को प्राथमिकता दे रहे हैं।

पदविजेता (संगठन)वोट मिलेनिकटतम प्रतिद्वंद्वी (संगठन)अंतर (मार्जिन)
अध्यक्षशांतनु शेखर (NSUI)2896प्रिंस राज (छात्र JDU)1496
महासचिवखुशी कुमारी (NSUI)2164प्रत्युष राज (छात्र RJD)553
उपाध्यक्षउमड़ सिफत फैज (Ind.)1568आयुष हर्ष (छात्र JDU)71
संयुक्त सचिवअभिषेक शर्मा (ABVP)2143मनौव्वर आजम (NSUI)392
कोषाध्यक्षहर्षवर्धन (ABVP)

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