ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच अब अमेरिका की धरती के भीतर से आ रही खबरों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के नेवादा (Nevada) प्रांत में पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर 100 से अधिक भूकंपीय झटके महसूस किए गए हैं।
नेवादा में भूकंप का ‘स्वार्म’ (Earthquake Swarm)
वैज्ञानिकों ने इसे भूकंप का ‘स्वार्म’ करार दिया है, जहाँ एक ही इलाके में कम समय के भीतर दर्जनों छोटे-बड़े झटके आते हैं। नेवाडा के टोनोपाह (Tonopah) और लिटिल स्कल माउंटेन (Little Skull Mountain) के आसपास इन झटकों की तीव्रता 2.5 से लेकर 4.3 तक मापी गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन झटकों के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर तो नहीं है, लेकिन झटकों की ‘सेंचुरी’ ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है।
परमाणु परीक्षण की अटकलें तेज
इस घटना ने सबसे ज्यादा सुर्खियाँ इसलिए बटोरी हैं क्योंकि ये झटके ‘नेवाडा नेशनल सिक्योरिटी साइट’ के करीब दर्ज किए गए हैं, जो ऐतिहासिक रूप से अमेरिका का परमाणु परीक्षण केंद्र रहा है।
- न्यूज़ चैनलों की बहस: कई न्यूज़ चैनलों पर रक्षा विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या ईरान के साथ जारी युद्ध (Operation Epic Fury) के बीच अमेरिका ने अपनी शक्ति प्रदर्शन के लिए कोई गुप्त भूमिगत परमाणु परीक्षण किया है?
- ईरान से कनेक्शन: संयोगवश, आज ही के दिन दक्षिणी ईरान के गेराश (Gerash) में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया है। एक ही दिन में अमेरिका और ईरान, दोनों परमाणु प्रतिद्वंद्वियों की धरती का हिलना वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
USGS का पक्ष
हालांकि, USGS के सीस्मोलॉजिस्ट्स का कहना है कि नेवाडा एक भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है और यहाँ टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण ऐसे ‘स्वार्म’ आना प्राकृतिक प्रक्रिया हो सकती है। एजेंसी ने अभी तक किसी भी कृत्रिम विस्फोट या परमाणु परीक्षण की पुष्टि नहीं की है।
14 देशों को ‘Depart Now’ का अलर्ट
भूकंप की इन खबरों के बीच अमेरिका ने पहले ही अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट के 14 देशों से तुरंत निकलने का आदेश दे रखा है। युद्ध के मुहाने पर खड़ी दुनिया के लिए अमेरिका की धरती में हो रहे ये 100 से ज्यादा झटके केवल प्राकृतिक आपदा हैं या किसी बड़े सैन्य रणनीति का हिस्सा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

