पूर्णिया जिले के बनमनखी वासियों और सीमांचल के किसानों के लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण जगी है। बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग ने तीन दशक से बंद पड़ी बनमनखी चीनी मिल के पुनरुद्धार की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। विभाग ने पूर्णिया के जिलाधिकारी से मिल के जीर्णोद्धार के लिए विस्तृत प्रतिवेदन और प्रस्ताव की मांग की है।

सात निश्चय-3 के तहत शुरू होगी प्रक्रिया
गन्ना उद्योग विभाग के संयुक्त ईखायुक्त श्री जय प्रकाश नारायण सिंह द्वारा जारी पत्र (सं०-02/रेगु०-02-6002/2019/563) के अनुसार, राज्य सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ अभियान के अंतर्गत बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से फिर से चालू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है जो नई नीति और कार्ययोजना तैयार कर रही है।
1997 से बंद पड़ी है इलाके की ‘लाइफलाइन’
बनमनखी चीनी मिल, जिसे कभी पूर्णिया को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, इलाके की आर्थिक रीढ़ मानी जाती थी। आधिकारिक आंकड़ों और स्थानीय इतिहास के अनुसार, यह मिल वर्ष 1997-98 में पूरी तरह बंद हो गई थी। लगभग 29 सालों से बंद पड़ी इस मिल के कारण न केवल हजारों कामगार बेरोजगार हुए, बल्कि सीमांचल के गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति भी चरमरा गई थी। वर्तमान में इसकी मशीनें जर्जर हो चुकी हैं और परिसर औद्योगिक खंडहर में तब्दील हो चुका है।
पूर्णिया सिविल सोसाइटी की पहल लाई रंग
यह सकारात्मक बदलाव पूर्णिया सिविल सोसाइटी के निरंतर प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। सोसाइटी के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार सिंह द्वारा 27 फरवरी 2026 को भेजे गए पत्रांक-224 के आलोक में ही विभाग ने यह त्वरित कार्रवाई की है। जिला प्रशासन द्वारा प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाने के बाद मिल के जीर्णोद्धार या नई इकाई की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।

