बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आज मैट्रिक यानी 10वीं कक्षा का परिणाम जारी कर ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड मुख्यालय से आधिकारिक रूप से बटन दबाकर रिजल्ट घोषित किया। इस वर्ष कुल 12 लाख 35 हजार 743 परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए हैं, जिसका कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा है। बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने मार्च महीने में ही मैट्रिक और इंटर दोनों के परिणाम जारी कर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है।
बेटियों का दबदबा: जमुई और वैशाली की छात्राओं ने किया टॉप
इस साल के परिणामों में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। स्टेट टॉपर की सूची में दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया है। जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन प्रवीण ने 500 में से 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आंकड़ों के अनुसार, जहाँ 6,01,390 छात्र सफल रहे, वहीं सफल होने वाली छात्राओं की संख्या 6,34,353 रही।
पूर्णिया का गौरव: एम्बुलेंस कर्मी के बेटे अंश राज ने रचा इतिहास
पूरे बिहार की ‘टॉप-10’ सूची में इस बार सीमांचल के पूर्णिया जिले से एकमात्र छात्र ने अपनी जगह बनाई है। रूपौली के रहने वाले अंश राज ने 97.4% (487 अंक) हासिल कर पूरे बिहार में चौथा स्थान प्राप्त किया है। अंश राज ‘उत्क्रमित एम एस बैरिया गोरिया उच्च विद्यालय’ के छात्र हैं।
अंश की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता मुकेश कुमार एक एम्बुलेंस कर्मी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अंश की इस असाधारण उपलब्धि ने उनके परिवार, विद्यालय और पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। पूर्णिया में इस वर्ष 60 केंद्रों पर कुल 36,846 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से अंश राज जिले के इकलौते ‘स्टेट टॉपर’ बनकर उभरे हैं।
12 दिनों में रिकॉर्ड तोड़ परिणाम
बिहार बोर्ड ने एक बार फिर अपनी रफ्तार से सबको चौंका दिया है। परीक्षा संपन्न होने के मात्र 12 दिनों के भीतर मूल्यांकन कार्य पूरा कर रिजल्ट जारी करना एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सफल छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अंश राज की सफलता पर रूपौली इलाके में जश्न का माहौल है और लोग उनके घर पहुँचकर बधाई दे रहे हैं।

